बिहारीगंज विधानसभा: बरकरार रहेगा नीतीश कुमार का दबदबा, या इस बार महागठबंधन करेगा खेल?
Bihar Assembly Elections: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मधेपुरा जिले की बिहारीगंज विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें लगी हुई है। यह एक सामान्य यानी अनारक्षित श्रेणी की सीट है।
- Written By: अभिषेक सिंह
बिहारीगंज विधानसभा सीट (डिजाइन फोटो)
Bihariganj Assembly Constituency: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मधेपुरा जिले की बिहारीगंज विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें लगी हुई है। यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है, जिसे 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद एक स्वतंत्र निर्वाचन क्षेत्र का दर्जा मिला था। यह सीट मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत है और इसमें बिहारीगंज तथा ग्वालपाड़ा प्रखंडों के साथ-साथ उदाकिशुनगंज और मुरलीगंज प्रखंडों के कुछ ग्राम पंचायत शामिल हैं।
राजनीतिक रूप से देखा जाए तो इस सीट पर जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू का तीन बार से दबदबा बना हुआ है। 2010 में हुए पहले चुनाव में रेणु कुमारी ने जीत हासिल की थी, जबकि 2015 और 2020 के चुनावों में निरंजन कुमार मेहता ने लगातार जीत दर्ज की।
जीत का चौका लगाएगी JDU
2020 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की प्रत्याशी सुभाषिनी बुंदेला को हराया था और सीट को एनडीए के पक्ष में बनाए रखा। यह सीट अब 2025 में चौथी बार भी जेडीयू के पास रहेगी या विपक्ष नया समीकरण गढ़ेगा, यह सवाल क्षेत्रीय राजनीति का सबसे अहम बिंदु है।
सम्बंधित ख़बरें
मालदा में पप्पू यादव की बिगड़ी तबीयत, बिहार राज्य महिला आयोग ने भेजा था नोटिस, लोकसभा सदस्यता पर उठा सवाल
‘बिना नेता के कमरे में गई 90% महिलाएं..,’ सांसद पप्पू यादव के विवादित बयान पर महिला आयोग ने भेजा नोटिस
सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी से की मुलाकात; बिहार कैबिनेट विस्तार का काउंटडाउन शुरू! जानें क्या हुई बात
Bihar: शादी में बजा भोजपुरी गाना तो चले पत्थर, तेजस्वी-चिराग के जिक्र पर मचा बवाल, आधे दर्जन से ज्यादा घायल
बिहारीगंज की भौगोलिक स्थिति
बिहारीगंज, मधेपुरा जिले के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित है और जिला मुख्यालय से 41 किलोमीटर दूर है। यह बरौनी-कटिहार रेलमार्ग पर बसा हुआ है और इसका रेलवे स्टेशन उत्तर बिहार के सबसे पुराने स्टेशनों में गिना जाता है। नजदीकी शहरों में मुरलीगंज, ग्वालपाड़ा और पूर्णिया शामिल हैं, वहीं राजधानी पटना यहां से करीब 270 किलोमीटर की दूरी पर है।
बिहारीगंज की धरती कोसी नदी के उपजाऊ बेसिन क्षेत्र में आती है, जहां हर साल बाढ़ और जलजमाव कृषि, आधारभूत संरचना और जनजीवन को प्रभावित करते हैं। यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। धान, गेहूं, मक्का, दालों के अलावा कुछ इलाकों में गन्ना और जूट की खेती भी की जाती है।
यह भी पढ़ें: सिंहेश्वर विधानसभा: 2020 में चिराग ने पहुंचाया था नुकसान, इस बार जदयू को वापस मिलेगी कमान?
बिहारीगंज खुद को आसपास के गांवों के लिए एक व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित कर चुका है, जहां कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के साथ-साथ कपड़े और उपभोक्ता वस्तुओं का बाजार फलता-फूलता है। हालांकि, इस क्षेत्र में रोजगार की बड़ी समस्या है, जिसके कारण युवा वर्ग महानगरों की ओर पलायन करता रहा है। लेकिन, छोटे पैमाने पर खुले उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों ने कुछ हद तक इस चुनौती को कम करने की कोशिश की है।
बिहारीगंज की जनसांख्यिकी
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में बिहारीगंज विधानसभा की अनुमानित जनसंख्या 5,36,528 है, जिसमें 2,74,883 पुरुष और 2,61,645 महिलाएं हैं। वहीं, मतदाताओं की कुल संख्या 3,32,862 है, जिनमें 1,72,683 पुरुष, 1,60,167 महिलाएं और 12 थर्ड जेंडर हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
