खत्म होगी इन 3 विधायकों की सदस्यता? राज्यसभा चुनाव में ‘खेल’ करने वालों पर कांग्रेस लेगी एक्शन, नोटिस जारी
Bihar Congress News: कांग्रेस अपने तीन विधायकों मनोहर सिंह, सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा और मनोज विश्वास के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bihar Politics: बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मुश्किल में नजर आ रही है। चुनाव के दौरान पार्टी के तीन विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे पूरा गणित बिगड़ गया और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, कम संख्या होने के बावजूद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपने सभी उम्मीदवारों को जीत दिला दी।
इस घटनाक्रम ने विपक्षी एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और कांग्रेस की छवि को भी झटका लगा है। अब पार्टी अपने तीन विधायकों मनोहर सिंह, सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा और मनोज विश्वास के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
विपक्षी एकता पर उठे सवाल
विधायकों का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर वोटिंग से दूरी बनाई। उनका आरोप है कि उम्मीदवार का चयन सही तरीके से नहीं हुआ और इस फैसले में कांग्रेस नेतृत्व से राय नहीं ली गई। वे न तो एनडीए को वोट देना चाहते थे और न ही महागठबंधन के उम्मीदवार से सहमत थे, इसलिए उन्होंने मतदान नहीं किया।
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क्या कदम उठाएगी कांग्रेस?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस इन विधायकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी। पार्टी के सामने दो विकल्प हैं-
- इन विधायकों की विधानसभा सदस्यता खत्म कराने की कोशिश
- उन्हें पार्टी से निष्कासित करना
हालांकि, दोनों ही रास्ते आसान नहीं हैं। दल-बदल कानून के तहत सदस्यता रद्द कराने में तकनीकी अड़चन है, क्योंकि बताया जा रहा है कि चुनाव के समय पार्टी ने व्हिप जारी नहीं किया था। ऐसे में नियम उल्लंघन साबित करना मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर, अगर पार्टी उन्हें निष्कासित करती है, तो कांग्रेस के पास सिर्फ तीन विधायक ही बचेंगे। ऐसे में निष्कासित विधायक सत्ता पक्ष में शामिल होकर उसकी ताकत बढ़ा सकते हैं।
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कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जल्दबाजी में लिया गया कड़ा फैसला पार्टी को और नुकसान पहुंचा सकता है। फिलहाल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना और बागी विधायकों पर उचित कार्रवाई करना है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़ा फैसला देखने को मिल सकता है।
