CM नीतीश कुमार, मंत्री लखेंद्र पासवान (Image- Social Media)
Nitish Kumar Resignation Date: बिहार की राजनीति इस समय अहम मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Nitish Kumar) के राज्यसभा सांसद बनने के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और मंत्री लखेंद्र पासवान के अचानक सीएम आवास पहुंचने से सियासी हलचल और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि वहां एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार(Nitish Kumar) 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और इसके अगले दिन नई सरकार के गठन की संभावना बन सकती है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि सीएम हाउस से सामान 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर शिफ्ट किया जा रहा है।
भाजपा से मुख्यमंत्री की रेस में सबसे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरिया, सांसद संजय जायसवाल, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी समेत अन्य का नाम भी रेस में है। वहीं सीएम नीतीश कुमार(Nitish Kumar) से दोनों डिप्टी सीएम के साथ मिलने पहुंचे लखेंद्र पासवान का नाम भी सीएम की रेस में आ गया है।
वैशाली जिले के लखेंद्र कुमार रौशन ने पातेपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उनका राजनीतिक सफर जंदाहा प्रखंड में जिला पार्षद के रूप में शुरू हुआ था।2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद उम्मीदवार शिवचंद्र राम को पराजित किया था। इसके बाद 2025 के चुनाव में उन्होंने राजद की पूर्व विधायक प्रेमा चौधरी को हराकर दूसरी बार जीत हासिल की। इस चुनाव में उन्होंने 22,380 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उनकी पत्नी मनीषा कुमारी भी राजनीति में सक्रिय रही हैं। लगातार दूसरी जीत के साथ लखेंद्र कुमार रौशन पातेपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के मजबूत जनाधार के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
शनिवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू नेताओं की भी महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और वरिष्ठ नेता विजय चौधरी शामिल हुए। करीब दो घंटे चली इस बैठक में नए मंत्रिमंडल के स्वरूप और उसमें युवाओं को शामिल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
पटना में बीजेपी की भी अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े शामिल होंगे। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के चेहरे और सरकार गठन की रूपरेखा पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि अंतिम फैसला एनडीए और केंद्रीय नेतृत्व स्तर पर ही लिया जाएगा।
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इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने साफ कहा कि वे इस रेस में शामिल नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह संकेत जरूर दिया कि सरकार का चेहरा बदल सकता है, लेकिन गठबंधन का फॉर्मूला वही रहेगा। भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने भी स्पष्ट किया है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला एनडीए और केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।