

Tejashwi Yadav Police Firing AK-47 Allegation: बिहार में NEET पेपर लीक के खिलाफ उपजा गुस्सा अब सड़कों पर हिंसक रूप अख्तियार कर चुका है। शनिवार, 25 जुलाई 2026 को राज्यव्यापी बंद के दौरान सीवान जिले में जो मंजर देखने को मिला, उसने पूरे प्रदेश को दहला दिया है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई इस भिड़ंत में जहाँ जिले के कप्तान (SP) लहूलुहान हो गए, वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पुलिस पर AK-47 जैसे घातक हथियारों से फायरिंग करने का आरोप लगाकर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
बिहार बंद के दौरान सीवान के जेपी चौक और गांधी मैदान इलाके में सुबह से ही छात्र और प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। माहौल तब बिगड़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस टीम पर अचानक पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प में सीवान के एसपी पूरण कुमार झा (IPS) के पैर में गंभीर चोट आई है। पथराव की इस घटना में न केवल पुलिसकर्मी बल्कि कई मीडियाकर्मी भी चोटिल हुए हैं। हालात को बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और 6-7 राउंड आंसू गैस के गोले दागे।
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला। तेजस्वी यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने निहत्थे और निर्दोष प्रदर्शनकारी छात्रों पर सीधे AK-47 राइफल से गोलियां चलाई हैं।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है। तेजस्वी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, घटनास्थल पर घायल होने के बावजूद मोर्चा संभाले SP पूरण कुमार झा ने पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के तीन समूहों में से केवल एक ने अनुमति ली थी। गांधी मैदान के पास कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर हिंसा फैलाई और पुलिस पर हमला किया।
पुलिस के अनुसार, स्थिति पर काबू पाने के लिए दर्जनों राउंड हवाई फायरिंग और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि उन्होंने पूरे इलाके की ड्रोन कैमरों से वीडियोग्राफी कराई है और हिंसा फैलाने वाले बदमाशों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त धाराओं में FIR दर्ज की जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे CPI-ML नेता और पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा ने भी सरकार के रवैये को 'तानाशाही' करार दिया है। उनका कहना है कि पिछले 26 दिनों से छात्र दिल्ली से लेकर पटना तक शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने संवाद के बजाय लाठियों और गोलियों का सहारा लिया।
वर्तमान में पूरे सीवान शहर में भारी तनाव का माहौल व्याप्त है। शहर के चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन न केवल NEET पेपर लीक मामले में था, बल्कि छात्रों पर पहले हुई पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ भी बुलाया गया था। फिलहाल, पूरे बिहार की नजरें अब सीवान की घटना और तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए AK-47 फायरिंग के आरोपों की जांच पर टिकी हैं।