NEET Paper Leak: अमेरिका में क्यों लीक नहीं होता मेडिकल का पेपर, इंन्फ्लुएंसर ने बताई बड़ी वजह

NEET Paper Leak: भारत में नीट परीक्षा लीक को लेकर छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच अमेरिका की एक भारतीय इंन्फ्लुएंसर ने बताया है कि वहां MCAT का पेपर कभी लीक क्यों नहीं होता।
NEET Paper Leak: Why US MCAT Medical Exam Never Leaks Unlike India Explains Indian Influencer 
नीट पेपर लीक विवाद (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Why US MCAT Medical Exam Never Leaks Unlike India NEET Paper Leak: भारत में नीट प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के बाद छात्रों का भारी प्रदर्शन लगातार चल रहा है। छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और सरकार से कड़े फैसले लेने की अपील कर रहे हैं। अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय इंन्फ्लुएंसर सारिका ने वहां की मेडिकल परीक्षा प्रणाली की अहम जानकारी साझा की है।

सारिका ने बहुत ही आसान शब्दों में बताया है कि आखिर अमेरिका में मेडिकल एग्जाम का पेपर कभी भी लीक क्यों नहीं होता है। भारत में जहां मेडिकल प्रवेश के लिए नीट होती है, वहीं अमेरिका में एमसीएटी (MCAT) परीक्षा आयोजित की जाती है। एमसीएटी का फुल फॉर्म मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट है जो पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित और बहुत सुरक्षित होता है।

कंप्यूटराइज्ड और सुरक्षित परीक्षा

एमसीएटी परीक्षा पूरी तरह से आधुनिक और सुरक्षित कंप्यूटराइज्ड सेंटरों पर कड़ी निगरानी में आयोजित की जाती है। इसमें किसी भी तरह के फिजिकल पेपर और प्रिंटिंग का कोई भी झंझट बिल्कुल नहीं होता है। इसके अलावा यह परीक्षा साल में सिर्फ एक बार नहीं बल्कि अलग-अलग महीनों और कई तारीखों पर आयोजित की जाती है, जिससे भीड़ का दबाव बहुत कम हो जाता है।

ऑफलाइन परीक्षा से बढ़ता है खतरा

भारत में आयोजित होने वाली नीट की परीक्षा पूरी तरह से ऑफलाइन माध्यम यानी पेन और पेपर मोड में होती है। इस प्रक्रिया में लाखों फिजिकल पेपरों को छापने के बाद हजारों सेंटरों तक सुरक्षित पहुंचाना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी तय करने के कारण रास्ते में इन पेपरों की सुरक्षा में बड़ी चूक का खतरा हमेशा बना रहता है, जिसका फायदा नकल माफिया उठाते हैं।

एक दिन की परीक्षा का भारी दबाव

नीट परीक्षा एक ही निश्चित तारीख और एक ही शिफ्ट में पूरे देश में एक साथ बड़े पैमाने पर कराई जाती है। इससे इस परीक्षा के पेपर को लीक करने या अनुचित फायदा उठाने का दबाव और लालच काफी ज्यादा हो जाता है। इसके विशाल स्तर के कारण दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों पर कई बार स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक और सुरक्षा चूक आसानी से हो जाती है।

अलग-अलग मिलते हैं प्रश्न पत्र

अमेरिकी प्रवेश परीक्षा में किसी भी छात्र को एक जैसा प्रश्न पत्र बिल्कुल भी नहीं मिलता है बल्कि अलग-अलग सेट आते हैं। ये सवाल रैंडम तरीके से आते हैं जिन्हें बाद में स्कोर स्केलिंग के जरिए सभी छात्रों के लिए बराबर किया जाता है। वहीं भारत में होने वाली नीट परीक्षा में देश भर के सभी परीक्षार्थियों के लिए सिर्फ एक ही समान प्रश्न पत्र होता है।

सुरक्षा के बेहद कड़े नियम

एमसीएटी अमेरिका में पियर्सन वीयूई जैसे बेहद सुरक्षित टेस्ट सेंटर्स पर ही हमेशा आयोजित की जाती है। यहां परीक्षा से पहले बायोमेट्रिक जांच, डिजिटल मॉनिटरिंग और कड़े नियमों का पालन होता है और फोन ले जाना पूरी तरह वर्जित होता है। एक ही पेपर होने के कारण नीट में अगर किसी एक जगह से पेपर लीक होता है तो वह तुरंत पूरे देश में तेजी से फैल जाता है।

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