अनंत सिंह, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Anant Singh News In Hindi: बिहार की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर और मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को अनंत सिंह ने बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में औपचारिक रूप से शपथ ली।, जेल में बंद होने और खराब स्वास्थ्य के बावजूद सिंह का शपथ ग्रहण समारोह काफी चर्चा में रहा qक्योंकि वे सूट-बूट पहनकर और एम्बुलेंस के जरिए विधानसभा पहुंचे थे।
दुलारचंद यादव हत्याकांड के आरोप में पिछले तीन महीनों से न्यायिक हिरासत में बंद अनंत सिंह पटना की बेउर जेल में सजा काट रहे हैं।, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें एम्बुलेंस से विधानसभा लाया गया। पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें केवल शपथ ग्रहण के औपचारिक समारोह में शामिल होने की अनुमति दी थी। दिलचस्प बात यह रही कि शारीरिक कमजोरी के बावजूद सिंह ने पूरे जोश के साथ सूट-बूट पहनकर शपथ ली, हालांकि उन्होंने शपथ पत्र पढ़े बिना ही प्रक्रिया पूरी की।
सदन के भीतर सबसे भावुक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पल वह था जब शपथ लेने के बाद अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे। उन्होंने झुककर मुख्यमंत्री के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। इस पर नीतीश कुमार ने भी मुस्कुराते हुए उनके सिर पर हाथ रखा और बाहुबली नेता का हालचाल पूछा।
Patna, Bihar: Mokama MLA Anant Singh says, “The investigation is ongoing. I am innocent, so justice will be served” pic.twitter.com/pzNGn92cLA — IANS (@ians_india) February 3, 2026
अनंत सिंह फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड में मुख्य आरोपी हैं। यह घटना 30 अक्टूबर 2025 की है, जब मोकामा क्षेत्र में चुनावी प्रचार के दौरान अनंत सिंह और दुलारचंद यादव के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें यादव की जान चली गई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 1 नवंबर 2025 को सिंह को गिरफ्तार किया था। हालांकि, इसके बावजूद अक्टूबर में हुए चुनाव में उन्होंने आरजेडी उम्मीदवार वीना देवी को 28,206 वोटों के भारी अंतर से हराया था।
यह भी पढ़ें:- Bihar Assembly Budget: बिहार विधानसभा में आर्थिक सर्वे होगा पेश, व्हीलचेयर पर पहुंचे तेजस्वी, सीएम ने जाना हाल
भारत के संविधान के अनुच्छेद 188 के अनुसार, किसी भी विधायक के लिए सदन की कार्यवाही में भाग लेने हेतु शपथ लेना अनिवार्य है। इसी संवैधानिक बाध्यता के तहत सिंह का शपथ लेना जरूरी था जिससे उनकी सदस्यता औपचारिक हो गई। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच जारी है। मैं निर्दोष हूं, इसलिए मुझे न्याय जरूर मिलेगा। शपथ ग्रहण की कार्यवाही पूरी होने के तुरंत बाद पुलिस उन्हें वापस बेउर जेल ले गई।