दिल्ली में 1 जुलाई से जब्त होंगे पुराने वाहन, जानिए कितना लगेगा जुर्माना
दिल्ली में अब पुराने वाहनों को 1 जुलाई से राजधानी में End-of-Life (EOL) वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो रही है। नए आदेशों के तहत इन वाहनों को जब्त किया जाएगा और जुर्माना भी भरना होगा।
- Written By: सिमरन सिंह
Delhi Govt New rule for cars and bike (सौ. Freepik)
दिल्ली में अब पुराने वाहनों के दिन लद चुके हैं। 1 जुलाई से राजधानी में End-of-Life (EOL) वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो रही है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के नए आदेशों के तहत सार्वजनिक स्थानों और पेट्रोल पंपों पर पाए जाने वाले ऐसे वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा और जुर्माना भी भरना होगा।
कौन-से वाहन माने जाएंगे ईओएल?
CAQM के अनुसार, 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल से पुराने डीजल वाहन ईओएल की श्रेणी में आते हैं। ऐसे वाहनों को अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं मिलेगा। अगर ये वाहन किसी सार्वजनिक स्थान पर पार्क किए मिले, तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा।
कैसे पहचाने जाएंगे पुराने वाहन?
राजधानी के 500 से ज्यादा ईंधन स्टेशनों पर ANPR (Automated Number Plate Recognition) कैमरे लगाए गए हैं। जैसे ही कोई वाहन पंप पर आएगा, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा और जानकारी तुरंत VAHAN डेटाबेस से मिलाई जाएगी। यदि वाहन EOL निकला, तो सिस्टम अलर्ट देगा और पेट्रोल पंप कर्मचारी उस गाड़ी में ईंधन नहीं भरेंगे।
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जुर्माने की दरें क्या होंगी?
- चार पहिया ईओएल वाहन: ₹10,000 जुर्माना
- दोपहिया ईओएल वाहन: ₹5,000 जुर्माना + टोइंग और पार्किंग शुल्क
इसके साथ ही वाहन मालिकों को लिखित रूप में यह देना होगा कि वे वाहन का उपयोग या पार्किंग किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं करेंगे।
जब्ती और स्क्रैपिंग की कार्रवाई
अगर कोई ईओएल वाहन सार्वजनिक स्थान पर पाया जाता है, तो प्रवर्तन एजेंसियां उसे जब्त करके रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में भेजेंगी। यदि मालिक वाहन को दिल्ली से बाहर ले जाना चाहता है, तो उसे NOC लेना अनिवार्य होगा।
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एनसीआर के इन जिलों में भी लागू होगा नियम
दिल्ली के बाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में 1 नवंबर से यही प्रणाली लागू होगी। इन जिलों में भी ANPR कैमरे 31 अक्टूबर तक लगाए जाएंगे।
62 लाख से ज्यादा पुराने वाहन दिल्ली में मौजूद
CAQM के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 62 लाख ईओएल वाहन हैं, जिनमें 41 लाख दोपहिया वाहन हैं। वहीं, एनसीआर जिलों में इनकी संख्या लगभग 44 लाख है। पूरे एनसीआर में यह नियम 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह लागू होगा।
