

Delhi PUC Rules: आपके पास अपनी कार या बाइक है और आप दिल्ली में रहते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। बता दें कि राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार 1 अक्टूबर से विशेष इंफोर्समेंट अभियान शुरू करने जा रही है। जिसमें सर्दियां शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है ऐसे में प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस अभियान के दौरान खास तौर पर उन वाहनों की जांच की जाएगी जिनका Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट वैध नहीं है। बिना वैध PUC पकड़े जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 10,000 रुपये तक का चालान लगाया जा सकता है।
दिल्ली सरकार ने इसको लेकर बताया है कि सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के नियम 115(7) के तहत वाहन के पहले रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद वैध PUC सर्टिफिकेट रखना जरूरी है। यह नियम पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले निजी और कमर्शियल वाहनों पर लागू होता है। वहीं जीरो टेलपाइप एमिशन वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को PUC जांच से छूट दी गई है। जांच के दौरान वैध प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर जुर्माने के अलावा अन्य कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान हो सकता है।
सरकार अब सिर्फ सड़क पर वाहनों की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहती। PUC सेंटरों पर होने वाली जांच में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दिल्ली के अधिकृत केंद्रों पर CCTV कैमरे और अपग्रेडेड सॉफ्टवेयर लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों के जरिए मुख्यालय से निगरानी की जा सकेगी कि वाहनों का प्रदूषण परीक्षण तय मानकों के मुताबिक हो रहा है या नहीं। इससे बिना जांच के PUC जारी करने जैसे मामलों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
इसी अभियान के तहत बुराड़ी में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) का भी उद्घाटन किया गया है। जिसके बारे में बताए तो यह एक डिजिटल सेंटर है जो सालाना करीब 1 लाख वाहनों की फिटनेस और एमिशन टेस्टिंग करने में सक्षम बताया गया है। वहीं यहां मशीनों और कैमरों की मदद से ब्रेकिंग सिस्टम, सस्पेंशन, हेडलाइट्स और एमिशन लेवल की जांच ऑटोमेटिक तरीके से की जाएगी।
अगर आपके वाहन का PUC जल्द खत्म होने वाला है तो उसकी वैधता जरूर चेक कर लें। जरूरत पड़ने पर अधिकृत केंद्र से समय रहते टेस्ट करा लें। डिजिटल PUC को DigiLocker या mParivahan में भी अपडेट रख सकते हैं ताकि जांच के समय दस्तावेज दिखाने में परेशानी न हो।