

Delhi Liquor Price Hike: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब पीने वाले के लिए एक बुरी खबर है। दरअसल, दिवाली से ठीक पहले दिल्ली में शराब और बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता की नेतृत्व वाली दिल्ली सरकरा अब नई आबकारी नीति के तहत राजस्व बढ़ाने के लिए एक्साइज ड्यूटी और रिटेल मार्जिन बढ़ाने की प्लानिंग कर रही है।
अगर इस पॉलिसी को सरकार की तरफ से मंजूरी मिल जाती है, तो अक्टूबर के महीने में यानी की त्योहारी सीजन से ठीक पहले दिल्ली में शराब पीने वाले लोगों को अब ज्यादा कीमत चुकाना पड़ सकता है।
'द इंडियन एक्सप्रेस' ने एक अधिकारी के हवाल से अपनी रिपोर्ट में कहा कि अगर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी होती है, तो शराब की कीमतों में भी इजाफा होगा। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि नई एक्साइज पॉलिसी का फाइनल ड्रॉफ्ट तैयार है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के एक्साइज कमिश्नर रवि झा का पिछले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश ट्रांसफर कर दिया गया है।
रवि झा जगह किसी और अधिकारी के आने के बाद ड्रॉफ्ट प्रपोजल को आखिरी मंजूरी के लिए दिल्ली कैबिनेट और उप-राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार मौजूदा आबकारी नीति के तहत 'होटल, क्लब और रेस्टोरेंट' (HCR) कैटेगरी के शराब लाइसेंसों को कारोबारी साल 2026-27 के अंत तक रिन्यू करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का भी फैसला लिया गया है।
वेंडर्स और रेस्टोरेंट मालिक इस बढ़ी हुई फीस का बोझ आखिरी में ग्राहकों से ही वसूलेंगे। शराब की कीमतों में बढ़ोतरी से ग्राहकों की संख्या में कमी आने की भी आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि शराब की कीमतों में कितने रुपये की बढ़ोतरी होने वाली है।
आपको बताते चलें कि राष्ट्रीय राजधानी में हर साल दीवाली और नए साल के अवसर पर शराब की मांग काफी बढ़ जाती है। पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली सरकार को दिवाली के 15 दिनों में 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हुई थी।
इसी मांग को देखते हुए रेखा गुप्ता सरकार राजस्व जुटाने के अपने लक्ष्य को पूरा करना चाहती है। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने शराब से लगभग 7,200 करोड़ रुपये का टैक्स जुटाने का लक्ष्य रखा है।