
Two Wheeler को लेकर क्या है खास। (सौ. AI)
Road Safety India: केंद्र सरकार 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाली 125cc तक के टू-व्हीलर्स में एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) की अनिवार्य फिटमेंट नियमावली को आगे बढ़ा सकती है। सड़क परिवहन मंत्रालय और SIAM (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के बीच चल रही बैठकों की जानकारी रखने वाले कई सूत्रों ने यह दावा किया है।
ABS एक महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है जो तेज ब्रेक लगाने पर वाहन के पहियों को लॉक होने से रोकता है। इससे स्किडिंग की संभावना कम होती है और दुर्घटनाओं का जोखिम घटता है। यह सिस्टम ब्रेक्स को तेजी से पल्स कर traction बनाए रखता है, जिससे सवार को अचानक आने वाली बाधाओं को सुरक्षित रूप से पार करने में मदद मिलती है।
हाल ही में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में कई टू-व्हीलर कंपनियों ने 125cc तक के वाहनों में ABS की प्रभावशीलता पर संदेह जताया। सूत्रों के अनुसार, इसके जवाब में गडकरी ने कंपनियों को ARAI (Automotive Research Association of India) से तकनीकी परीक्षण करवाने का सुझाव दिया। एक ARAI अधिकारी ने बताया कि अभी तक SIAM या मंत्रालय की ओर से उन्हें किसी तरह का आधिकारिक निर्देश नहीं मिला है। अधिकारी के शब्दों में “No directive has been issued from the ministry or Siam to ARAI in this regard.”
सरकार ने 27 जून को ड्राफ्ट नियम जारी करते हुए 2026 से सभी दोपहिया वाहनों में ABS अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा था। 150cc से ऊपर के मॉडल पहले ही ABS से लैस हैं। हालांकि, वाहन निर्माता कंपनियों का कहना है कि एंट्री-लेवल बाइक और स्कूटर में ABS जोड़ने से कीमत में ₹5,000 से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “The ministry is checking on the readiness of the industry and supply side availability and will publish the final notification soon.” सूत्रों का कहना है कि ABS अनिवार्यता और खरीद के समय BIS-प्रमाणित दो हेलमेट देने के प्रावधान को लेकर अंतिम अधिसूचना जल्द जारी होगी।
ये भी पढ़े: दुनिया की टॉप लग्जरी कार कंपनियों के नामों का असली मतलब, 99% लोग नहीं जानते ये दिलचस्प कहानियां
एक प्रमुख टू-व्हीलर कंपनी के अधिकारी ने बताया कि ARAI को परीक्षण पूरा करने में 1-2 महीने लगेंगे और फिर कंपनियों को बदलाव लागू करने के लिए कम से कम एक साल दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा, “Hence, it is unlikely to happen in 2026.” कुछ सरकारी अधिकारी मानते हैं कि यह कदम एंट्री-लेवल टू-व्हीलर सेगमेंट में GST से मिली मांग की बढ़त को प्रभावित कर सकता है, इसलिए नियम पूरी तरह रोकने की संभावना भी बनी हुई है। Crisil के अनुसार, FY26 में टू-व्हीलर बिक्री में 5-6% वृद्धि और एंट्री-लेवल सेगमेंट में 2% अतिरिक्त उछाल की उम्मीद है।
मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि कई चरणों की चर्चा हो चुकी है और सरकार सभी टू-व्हीलर्स में ABS अनिवार्य करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। मंत्रालय ने कंपनियों से इस परिवर्तन के लिए तैयारी शुरू करने की अपील भी की है।






