अब नमक से चलेंगे स्कूटर! चीन में शुरू हुई Sea Salt बैटरी से चलने वाली ई-स्कूटर की क्रांति
पेट्रोल और लिथियम-आयन बैटरी से चलने वाले स्कूटर जल्द ही समुद्री नमक (Sea Salt) से चलने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स बनने वाले हैं, जिस पर चीन में काम शुरू कर दिया गया है। आने वाले समय में सड़कों पर नमक से चलने वाली गाड़ियाँ
- Written By: सिमरन सिंह
Sea Salt बैटरी से चलेगी गाड़ी। (सौ. Design)
जिस देश में अब तक पेट्रोल और लिथियम-आयन बैटरी से चलने वाले स्कूटर आम थे, अब वहां जल्द ही समुद्री नमक (Sea Salt) से चलने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स सड़कों पर नजर आने लगे हैं। यह तकनीक न केवल पर्यावरण के लिहाज से फायदेमंद है, बल्कि इसकी लागत भी पारंपरिक स्कूटर्स की तुलना में काफी कम है।
क्या है Sea Salt बैटरी वाली तकनीक?
इन स्कूटर्स में सोडियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जो सी-सॉल्ट यानी समुद्री नमक से प्राप्त सोडियम से बनाई जाती है। यह बैटरी लिथियम-आयन या लेड-एसिड बैटरियों का सस्ता और किफायती विकल्प है, जो तेजी से चार्ज होती है और अच्छी परफॉर्मेंस देती है।
हांग्जो में हुई लाइव टेस्ट ड्राइव
चीन के हांग्जो शहर में एक शॉपिंग मॉल के सामने इन स्कूटर्स की लाइव टेस्ट ड्राइव का आयोजन किया गया। इसके लिए विशेष चार्जिंग स्टेशन लगाए गए, जिनमें बैटरी को सिर्फ 15 मिनट में 0 से 80% तक चार्ज किया जा सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
5’10 से ज्यादा हाइट वालों के लिए बेस्ट हैं ये Bikes, लंबी राइड में नहीं होगा पीठ दर्द, हर सफर बनेगा आरामदायक
Honda की बड़ी तैयारी भारत में मचाएगी धूम, 2030 तक लॉन्च होंगी 10 से ज्यादा नई SUV और EV कारें
Hero का सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर मचा रहा धूम, 100KM रेंज और कीमत जेब के लिए नहीं पड़ेगी भारी
गर्मियों में कार हो रही Overheat? ये संकेत भूलकर भी न करें नजरअंदाज, वरना पड़ सकता है भारी
कीमत और उपलब्धता
इन स्कूटर्स की कीमत लगभग $400 से $660 (यानी करीब ₹35,000 से ₹51,000) के बीच रखी गई है, जिससे यह आम लोगों के लिए भी सुलभ विकल्प बनते हैं। याडिया (Yadea) कंपनी ने इस तकनीक पर आधारित तीन अलग-अलग मॉडल्स बाजार में पेश किए हैं।
बजाज चेतक का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर जून में होगा लॉन्च, कीमत होगी 1 लाख से कम
सस्टेनेबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम
समुद्री नमक से बनी ये बैटरियां सिर्फ सस्ती ही नहीं, बल्कि इको-फ्रेंडली भी हैं। सोडियम एक ऐसा तत्व है जो पृथ्वी पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की निर्भरता कम होती है। यह तकनीक आने वाले समय में ईवी उद्योग की दिशा बदल सकती है।
क्या भारत में भी आएंगे ऐसे स्कूटर?
जहां चीन इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपना रहा है, वहीं भारत के लिए भी यह एक बड़ी प्रेरणा हो सकती है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में भारत में भी नमक से चलने वाले स्कूटर्स की एंट्री हो सकती है।
