Ola की बड़ी छंटनी: हजारों कर्मचारियों की नौकरियों पर संकट, जानिए पूरी रिपोर्ट

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 1,000 से अधिक स्थायी और ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Ola Electric
Ola
Ola की बढ़ने वाली परेशानी। (सौ. X)
Published on
Updated on

नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Ola Electric से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कंपनी अपने बढ़ते घाटे को कम करने के लिए हजारों कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 1,000 से अधिक स्थायी और ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है।

यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब पिछले पांच महीनों में दूसरी बार छंटनी हो रही है। अगस्त में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से Ola Electric भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का घाटा 50% तक बढ़ चुका है।

पिछले साल भी हुई थी छंटनी

यह पहली बार नहीं है जब Ola अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है। नवंबर 2023 में भी कंपनी ने 500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इस बार की छंटनी के बाद, कंपनी के कुल 4,000 कर्मचारियों में से लगभग 1,000 को हटाया जा रहा है, यानी कुल कर्मचारियों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा प्रभावित होगा। कंपनी को हो रहे नुकसान का असर Ola Electric के शेयरों पर भी पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयर 60% से ज्यादा गिर चुके हैं। फरवरी में Ola ने 25,000 से अधिक स्कूटर बेचे, जो बाज़ार हिस्सेदारी के लिहाज से 28% के बराबर है। हालांकि, कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल ने 50,000 यूनिट्स का टारगेट रखा था, जिसे हासिल नहीं किया जा सका।

Ola Electric की स्थिति क्यों बिगड़ रही है?

कभी भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माता रही Ola Electric अब बजाज ऑटो और TVS मोटर के बाद तीसरे स्थान पर आ चुकी है। दिसंबर 2023 में कंपनी ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए 3,200 नए आउटलेट्स खोले, लेकिन इसके बावजूद हर महीने 80,000 से अधिक ग्राहक शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। ऑटोमोबाइल से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य कंपनियों में भी छंटनी का दौर

Ola Electric के अलावा अन्य टेक कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं। हाल ही में TCS और Infosys ने भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर निकाला।

  • TCS ने हजारों कर्मचारियों को हटाया था।
  • Infosys ने अपने मैसूर कैंपस में 300-400 ट्रेनी कर्मचारियों को निकाल दिया, क्योंकि वे तीन बार इवैल्यूएशन टेस्ट में फेल हो गए थे।
  • इस मामले को देखते हुए श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) ने भी कदम उठाने की बात कही है।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com