महिंद्रा एंड महिंद्रा ने किया ईवी का समर्थन, कहा यूपी की तरह सपोर्ट करें अन्य राज्यों की सरकारें

भारत की मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक व्हीकल की तारीफ करते हुए इसे देश हित में बताया है। कंपनी के सीईओ ने कहा कि सरकार को इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की भी तारीफ की।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने किया ईवी का समर्थन
राजेश जेजुरिकर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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मुंबई: भारत की मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक व्हीकल की तारीफ करते हुए इसे देश हित में बताया है। कंपनी के सीईओ ने कहा कि सरकार को इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की भी तारीफ की।

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बृहस्पतिवार को इलेक्ट्रिक परिवहन का जोरदार समर्थन करते हुए इसे देश के लिए सही दिशा में उठाया गया सही कदम बताया। मुंबई स्थित प्रमुख वाहन कंपनी ने कहा कि इलेक्ट्रिक परिवहन का समर्थन करना देश के सर्वोत्तम हित में है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश जेजुरिकर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "देश के लिए सही दिशा ईवी पर केंद्रित है और हमारा मानना ​​है कि सरकार को इसका समर्थन करना चाहिए।"

वह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाइब्रिड (ईंधन एवं इलेक्ट्रिक) वाहनों के लिए पंजीकरण छूट की घोषणा पर कंपनी के रुख के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में हाइब्रिड कार की खरीद पर पूर्ण सड़क कर पर छूट की घोषणा की है। इस कदम का इलेक्ट्रिक परिवहन में निवेश करने वाली विभिन्न वाहन विनिर्माता कंपनियों ने विरोध किया है, क्योंकि उन्हें डर है कि अन्य राज्य भी इसका अनुसरण कर सकते हैं।

ईवी राष्ट्रीय प्राथमिकता

जेजुरिकर ने कहा कि हम एक ऐसे चरण में हैं जहां हम मानते हैं कि सही उत्पाद के साथ ईवी योजना बहुत मजबूत हो सकती है। यह राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में है और यह राष्ट्रीय प्राथमिकता है और हम इस पर बहुत ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हाइब्रिड वाहन एक आंतरिक दहन इंजन और एक या अधिक इलेक्ट्रिक मोटरों द्वारा संचालित होते हैं, जो बैटरी में संग्रहीत ऊर्जा का उपयोग करते हैं।

लंबे समय से, हाइब्रिड वाहन बनाने वाली कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ कराधान के मामले में समानता की मांग कर रही हैं। फिलहाल देश में हाइब्रिड वाहनों पर कुल कर 43 प्रतिशत है, जिसमें जीएसटी भी शामिल है, जबकि बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगभग पांच प्रतिशत कर लगता है।

-एजेंसी इनपुट के साथ

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