भारत का पहला AI-पेट्रोल वाहन लॉन्च: इंद्रजाल रेंजर ड्रोन खतरों से निपटने के लिए तैयार
Anti-Drone System: हैदराबाद स्थित एक टेक कंपनी ने देश का पहला एआई-पेट्रोल कॉम्बैट वाहन इंद्रजाल रेंजर पेश कर इतिहास रच दिया है। यह अत्याधुनिक, मोबाइल और पूरी तरह एआई-संचालित वाहन चलते-फिरते ड्रोन
- Written By: सिमरन सिंह
India Drone Security में क्या है। (सौ. AI)
India Drone Security: हैदराबाद स्थित एक टेक कंपनी ने देश का पहला एआई-पेट्रोल कॉम्बैट वाहन इंद्रजाल रेंजर पेश कर इतिहास रच दिया है। यह अत्याधुनिक, मोबाइल और पूरी तरह एआई-संचालित वाहन चलते-फिरते ड्रोन का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और खतरे को निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है। पारंपरिक एंटी-ड्रोन सिस्टम जहां स्थिर स्थिति में ही काम कर पाते हैं, वहीं रेंजर को खास तौर पर मोबाइल काउंटर-ड्रोन ऑपरेशंस के लिए डिजाइन किया गया है।
मजबूत डिजाइन और जबरदस्त क्षमताएं
इंद्रजाल रेंजर को शक्तिशाली Toyota Hilux 4×4 प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है, जिससे यह दुर्गम इलाकों में भी आसानी से ऑपरेशन करने में सक्षम है। इसकी डिटेक्शन और न्यूट्रलाइजेशन क्षमता इसे देश के सबसे उन्नत मोबाइल एंटी-ड्रोन सिस्टम्स में शामिल करती है।
- यह वाहन 10 किलोमीटर तक ड्रोन की पहचान कर सकता है।
- 4 किलोमीटर की दूरी तक खतरनाक ड्रोन को निष्क्रिय करने में सक्षम है।
- सिस्टम 5 किमी तक कैप्चर और कंट्रोल, 3 किमी तक सॉफ्ट किल और 2 किमी तक हार्ड किल क्षमता प्रदान करता है।
इसकी ताकत एकीकृत साइबर टेकओवर यूनिट, GNSS स्पूफिंग टेक्नोलॉजी, RF जैमिंग सिस्टम और स्प्रिंग-लोडेड ऑटोनॉमस किल स्विच से मिलती है। यह न केवल छोटे क्वाडकॉप्टर ड्रोन बल्कि स्वार्म अटैक जैसे बड़े खतरे से भी सुरक्षा देने में सक्षम है।
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AI-पावर्ड SkyOS बनता है इसका दिमाग
रेंजर की कमांड और कंट्रोल क्षमता को एआई-संचालित SkyOS शक्ति प्रदान करता है। SkyOS सेंसरों, कैमरों और डिटेक्शन यूनिट से आने वाले डेटा को एकीकृत कर रियल-टाइम में निर्णय लेने की क्षमता देता है। यह सिस्टम निरंतर निगरानी रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों, सैन्य काफिलों और संवेदनशील इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए तेज और सटीक प्रतिक्रिया प्रदान करता है।
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ड्रोन खतरों से निपटने में बड़ा बदलाव
हाल के वर्षों में ड्रोन का उपयोग हथियारों की तस्करी, ड्रग्स सप्लाई और सीमा पार अवैध गतिविधियों में तेज़ी से बढ़ा है, विशेषकर पाकिस्तान-प्रायोजित ISI नेटवर्क द्वारा। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत को एक उन्नत, मोबाइल और प्रभावी रक्षा प्रणाली की जरूरत महसूस हो रही थी। इंद्रजाल रेंजर इसी आवश्यकता का जवाब बनकर उभरा है। कंपनी के अनुसार, यह वाहन बॉर्डर रोड्स, नहरों, खेतों, सैन्य ठिकानों, महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर और घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में भी भरोसेमंद सुरक्षा प्रदान कर सकता है वहां भी जहां स्थिर एंटी-ड्रोन सिस्टम अक्सर विफल हो जाते हैं।
