EV charging (Source. Freepik)
Electric Vehicle Safety Rules: मध्य प्रदेश के Indore में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। घर में इलेक्ट्रिक कार चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई। इस घटना ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या घर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करना पूरी तरह सुरक्षित है?
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सुविधा के साथ-साथ जोखिम भी बढ़ रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है, इसलिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।
कई लोग सुविधा के लिए एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह बेहद खतरनाक हो सकता है। EV चार्जिंग में लंबा समय लगता है, जिससे वायर पर लगातार लोड बना रहता है। इससे तार गर्म होकर आग लगने का कारण बन सकते हैं। हमेशा मजबूत और अच्छी क्वालिटी वाले सॉकेट का ही उपयोग करें।
चार्जिंग केबल की छोटी सी खराबी भी बड़ा खतरा बन सकती है। अगर केबल कटी-फटी हो, प्लग ढीला हो या ज्यादा गर्म हो रहा हो, तो तुरंत बदल दें। खराब केबल शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग का बड़ा कारण बन सकती है।
चार्जिंग के लिए कंपनी द्वारा दिया गया ओरिजिनल चार्जर ही इस्तेमाल करना चाहिए। लोकल या सस्ते चार्जर बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ा देते हैं।
भले ही आजकल EV में ऑटो कट-ऑफ फीचर होता है, लेकिन फिर भी चार्जिंग के दौरान निगरानी रखना जरूरी है। बैटरी फुल होने के बाद गाड़ी को लंबे समय तक प्लग में लगाए रखना सही नहीं है। इससे बैटरी की लाइफ कम हो सकती है और जोखिम बढ़ सकता है।
EV को हमेशा सूखी और हवादार जगह पर चार्ज करें। बंद या नमी वाली जगह पर चार्जिंग करने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासतौर पर बारिश के मौसम में ध्यान रखें कि पार्किंग एरिया में पानी जमा न हो।
ये भी पढ़े: नई Skoda Kushaq आ रही है धूम मचाने, 360° कैमरा और ADAS जैसे मिलेगे फीचर्स चौंक जाएंगे क्रेटा वाले
अगर बैटरी निकालकर चार्ज कर रहे हैं, तो उसे जमीन पर न रखें। इसे किसी सूखी और ऊंची जगह पर रखें। साथ ही घर की वायरिंग मजबूत होनी चाहिए। EV चार्जिंग के लिए अलग सर्किट और सही MCB का इस्तेमाल करना सुरक्षित रहता है।
इलेक्ट्रिक वाहन पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प हैं, लेकिन इनका सुरक्षित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। इंदौर जैसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि तकनीक के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। आपकी थोड़ी सी सावधानी आपके पूरे परिवार की जान बचा सकती है।