दिल्ली की हवा साफ करने का मास्टरप्लान, 2 लाख से ज्यादा पुराने वाहन होंगे सड़कों से बाहर
BS-VI Vehicles: Delhi-NCR में हर साल बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर से सरकार को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और काम का कदम उठाया है।
- Written By: सिमरन सिंह
Traffic (Source. Freepik)
Air Quality Improvement: Delhi-NCR में हर साल बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर से सरकार को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और काम का कदम उठाया है। बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने 5,041 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दे दी है। जिसके तहत पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक एवं बसों को प्लानिंग के साथ सड़कों से हटाया जाएगा। जिसके बाद उनकी जगह नए BS-VI Vehicles और इलेक्ट्रिक वाहनों को लाया जाने वाला है।
इस नई पहल को लेकर सरकार का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर की खराब हवा के पीछे पुराने डीजल कमर्शियल वाहनों की बड़ी भूमिका है। जिसको देखते हुए यह योजना क्षेत्र की वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम कर सकती है।
1.9 लाख ट्रक और 16 हजार बसें होंगी प्रभावित
सरकारी ने जो आंकड़े जारी किए है उसके अनुसार इस अभियान के तहत करीब 1.9 लाख पुराने ट्रकों और 16 हजार से अधिक बसों को हटाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके अदंर BS-IV और उससे पुराने मानकों वाले वाहन शामिल हैं। वहीं विशेषज्ञ बताते है कि BS-I से BS-IV तक के कमर्शियल वाहन नए BS-VI वाहनों की तुलना में कहीं अधिक प्रदूषण फैलाते हैं और रिपोर्ट्स में भी देखा गया है कि इनसे लगभग 67% अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड और 97% तक ज्यादा पार्टिकुलेट मैटर (PM) पैदा होता है जो स्मॉग और सांस संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारण है।
सम्बंधित ख़बरें
9 जून को भारत में लॉन्च होगी पहली Plug-in Hybrid SUV, 1000KM तक की रेंज से बढ़ेगी Creta-Fortuner की टेंशन
अब इलेक्ट्रिक कार से सफर करेंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव, काफिले में शामिल हुई महिंद्रा XEV 9e
पेट्रोल-डीजल को भूल रहे लोग, मई में EV बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, Tata से लेकर VinFast तक की हुई बल्ले-बल्ले
नागपुर में 11 EV चार्जिंग स्टेशन तैयार, ई-वाहन चालकों को बड़ी राहत; प्रदूषण घटाने की दिशा में पहल
वाहन मालिकों को मिलेंगे कई बड़े फायदे
वहीं इस योजना से इसी को नुकसान ना हो और यह सफल रहे इसके लिए सरकार ने वाहन मालिकों के लिए कई आकर्षक फायदों की घोषणा भी कि है।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| ब्याज राहत | वाहन लोन पर 5% तक छूट |
| फ्यूल वाउचर | अगले 5 साल तक मासिक लाभ |
| वाहन छूट | नई गाड़ियों पर एक्स-शोरूम डिस्काउंट |
| टैक्स छूट | मोटर व्हीकल टैक्स पूरी तरह माफ |
| रजिस्ट्रेशन | 10 साल तक कोई फीस नहीं |
| BS-VI यूज्ड वाहन | रजिस्ट्रेशन फीस में 50% तक छूट |
वहीं सरकार का यह लाभ देने का उद्देश्य लोगों को पुराने वाहनों को स्वेच्छा से बदलने के लिए प्रेरित करना है।
योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
वहीं जो लोग जानना चाहते है कि इस योजना का फायदा किसे मिलेगा तो उनको बता दें कि इसमें कोई भी आ सकता है बस वाहन मालिकों को अपने BS-IV या उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में जमा करना होगा या उन क्षेत्रों में बेचना होगा जहां ऐसे वाहन अभी भी वैध हैं। इसके बाद ही वे दिल्ली-एनसीआर में नया BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर वह रजिस्टर करा सकेंगे।
ये भी पढ़े: Hero ने खेला बड़ा दांव, लॉन्च की Flex Fuel Splendor और HF Deluxe, जानें कीमत और फीचर्स
दिल्ली की हवा होगी साफ
बता दें कि इस योजना को केंद्र सरकार के साथ दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों ने भी मिलकर लागू किया है। जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और NCR Planning Board इसकी निगरानी करेंगे। जिसको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल प्रदूषण कम होगा साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, ऑटोमोबाइल बिक्री और स्क्रैपिंग इंडस्ट्री को भी बड़ा फायदा मिलेगा। ऐसे में अगर यह योजना सफल रहती है तो आने वाले सालो में दिल्ली-एनसीआर की हवा पहले से कहीं ज्यादा साफ हो सकती है।
