Bharat Taxi Amit Shah (Source. X)
Bharat Taxi Scheme: अगर आप टैक्सी चलाते हैं या कमाई बढ़ाने का नया रास्ता ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हाल ही में ‘भारत टैक्सी’ से जुड़े ड्राइवरों से मुलाकात कर उन्हें “सारथी’ नाम दिया और बड़ा ऐलान किया यह ऐप ड्राइवरों को कर्मचारी नहीं, बल्कि मालिक मानेगी।
भारत टैक्सी एक सहकारी (कोऑपरेटिव) मॉडल पर आधारित कैब सेवा है, जिसे 5 फरवरी को लॉन्च किया गया। इसका मकसद साफ है ड्राइवरों की कमाई बढ़ाना और यात्रियों को सस्ता किराया देना। यह प्लेटफॉर्म खुद को Ola, Uber और Rapido जैसे निजी एग्रीगेटर ऐप्स के विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।
अमित शाह ने कहा, “हमारा उद्देश्य मालिक को समृद्ध बनाना है. फर्क सिर्फ इतना है कि आप ही मालिक हैं” भारत टैक्सी से जुड़ने के लिए ड्राइवर को केवल 500 रुपये निवेश करने होंगे। इस राशि के साथ हर सारथी सहकारी संस्था का सदस्य बनेगा। उसे फैसलों में भागीदारी का अधिकार और मुनाफे में हिस्सा मिलेगा। गिग इकॉनमी मॉडल में ऐसा अधिकार नहीं दिया जाता।
शाह ने समझाया कि यदि कंपनी 25 करोड़ रुपये कमाती है, तो 20 प्रतिशत राशि कंपनी खाते में सारथियों के हिस्से के रूप में जमा होगी, जबकि 80 प्रतिशत टैक्सी संचालन के आधार पर ड्राइवरों में बांटी जाएगी। यानी तय किराए के अलावा ड्राइवरों को मुनाफे का भी हिस्सा मिलेगा। हालांकि पहले तीन साल धैर्य रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि मुनाफे का वितरण स्थिर होने में समय लगेगा।
देश की पहली सहकारी क्षेत्र की टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ के सारथियों के साथ संवाद… https://t.co/PpbTy1YTsP — Amit Shah (@AmitShah) February 23, 2026
भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग लागू नहीं होगी। हर एक घंटे की बुकिंग में 10 किलोमीटर शामिल होंगे। अतिरिक्त दूरी पर 19 रुपये प्रति किलोमीटर और अतिरिक्त समय पर 2.50 रुपये प्रति मिनट शुल्क लिया जाएगा। टोल, पार्किंग और परमिट का खर्च अलग से दिया जाएगा। ड्राइवरों को ऐप उपयोग के लिए रोजाना 30 रुपये शुल्क देना होगा।
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सरकार कार लोन और बीमा की सुविधा भी देगी। ऐप में सीधा सपोर्ट सिस्टम होगा। एक ड्राइवर ने बताया कि उसने जनवरी में 20,000 रुपये कमाए। बिहार की एक महिला ड्राइवर ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद यह प्लेटफॉर्म उनके लिए सम्मानजनक आय का जरिया बना।
फिलहाल यह सेवा दिल्ली-NCR और गुजरात में शुरू हो चुकी है। अगले तीन साल में इसे पूरे देश में विस्तार देने की योजना है। भारत टैक्सी का दावा है यह मुनाफा कमाने वाली निजी कंपनी नहीं, बल्कि ड्राइवरों को सशक्त बनाने वाली सहकारी पहल है।