Airless टायर हुए लॉन्च, पंक्चर की समस्या अब हमेशा के लिए खत्म!

Airless Tire Launch Date In India: पहले गाड़ियों में ट्यूब वाले टायर इस्तेमाल होते थे, फिर ट्यूबलेस टायर आए अब बाजार में Airless टायर ने दस्तक दें दी है। जो आने वाले समय के लिए खास है।
Airless टायर हुए लॉन्च, पंक्चर की समस्या अब हमेशा के लिए खत्म!
Airless Tire भविष्य की तस्वीर। (सौ. Freepik)
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Airless Tire Benefits And Disadvantages: तकनीक हर दिन नई ऊंचाइयां छू रही है और इसका असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी साफ दिख रहा है। जहां पहले गाड़ियों में ट्यूब वाले टायर इस्तेमाल होते थे, फिर ट्यूबलेस टायर आए अब बाजार में Airless टायर ने दस्तक दे दी है। ड्राइवरों को लंबे समय से परेशान करने वाली पंक्चर की समस्या का यह सबसे बड़ा और आधुनिक समाधान माना जा रहा है। Airless टायर की खासियत यह है कि इन्हें चलाने के लिए हवा की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। मजबूत डिजाइन और उन्नत तकनीक की वजह से ये कम रखरखाव में ज्यादा सुरक्षित ड्राइविंग का अनुभव देते हैं।

क्या बनाता है Airless टायर को खास?

Airless टायर ऐसे विकसित किए गए हैं कि इन्हें हवा भरने की आवश्यकता नहीं पड़ती। न इनमें डिफ्लेशन का खतरा होता है, न पंक्चर का। "इन टायरों के भीतर हवा नहीं होती, इसलिए ये न तो फटते हैं और न ही पंक्चर होते हैं।" इनकी संरचना में रबर स्पोक्स और मजबूत बेल्ट का उपयोग किया जाता है, जो टायर की पकड़, स्थिरता और आकार को बनाए रखने में मदद करते हैं। इनका अनूठा डिजाइन बाहर से भी दिखाई देता है, जो वाहनों को एक फ्यूचरिस्टिक लुक देता है। सबसे बड़ी बात इनमें हवा का दबाव जांचने, पंक्चर रिपेयर कराने या बार-बार मेंटेनेंस कराने की जरूरत नहीं पड़ती। लंबी दूरी और ऑफ-रोड ड्राइविंग के लिए ये बेहद सुरक्षित माने जाते हैं।

Airless टायर बनाम ट्यूबलेस टायर: कितना महंगा है नया विकल्प?

इस समय भारतीय बाजारों में उपलब्ध सबसे सस्ते Airless टायर की कीमत ₹10,000 से ₹20,000 के बीच शुरू होती है। कीमत टायर के साइज, ब्रांड और क्वालिटी के आधार पर बढ़ती जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे ये टायर बड़े पैमाने पर उपलब्ध होंगे, कीमतों में गिरावट संभव है।

वहीं, भारत में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले ट्यूबलेस टायर की कीमत ₹1,500 से ₹60,000 तक होती है। इसके आधार साइज, ब्रांड और वाहन कैटेगरी होती है। इसका मतलब साफ है Airless टायर अभी ट्यूबलेस टायर के मुकाबले कई गुना महंगे हैं।

कौन है Airless टायर का निर्माता?

Airless टायर की शुरुआत मिशेलिन ने की। इस तकनीक को मिशेलिन ने जनरल मोटर्स के साथ मिलकर विकसित किया और इसका पहला उपयोग शेवरले बोल्ट कार में किया गया। इसके बाद गुडईयर समेत कई दिग्गज कंपनियों ने भी इस तकनीक पर काम शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले समय में Airless टायर का मार्केट और तेजी से बढ़ने की संभावना है।

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