सांकेतिक तस्वीर
World’s Worst Traffic Cities: आज के दौर में दुनिया के बड़े शहरों में ट्रैफिक लोगों की एक गंभीर समस्या बन गया है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या और निजी वाहनों पर बढ़ती निर्भरता ने शहरों की रफ्तार को धीमा कर दिया है। पीक ऑवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) में गाड़ी चलाना अक्सर इतना मुश्किल हो जाता है कि पैदल चलना या साइकल चलाना कहीं बेहतर विकल्प साबित होता है।
लोग साल भर में 100 से 200 घंटे सिर्फ जाम में फंसकर बर्बाद कर देते हैं। इस समस्या का सामना न केवल बड़े शहर कर रहे हैं, बल्कि तेजी से विकसित हो रहे छोटे शहर भी इससे अछूते नहीं हैं। आइए जानते हैं दुनिया के 10 सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाले शहरों के बारे में।
मेक्सिको की राजधानी दुनिया का सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाला शहर है। यहाँ की आबादी इतनी अधिक है कि सड़कों पर जगह कम पड़ जाती है। शहर के चारों ओर पहाड़ होने की वजह से सड़कें चौड़ी करना भी मुश्किल है, जिससे जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
बेंगलुरु भारत की आईटी राजधानी अपने ट्रैफिक के लिए विश्वभर में जानी जाती है। यहाँ गाड़ियों की औसत गति 17 किलोमीटर प्रति घंटा से भी कम है। संकरी सड़कें और लगातार निर्माण कार्य जाम के मुख्य कारण हैं।
आयरलैंड की राजधानी में लोग सालाना करीब 200 घंटे जाम में गंवा देते हैं। तंग सड़कें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी शहर में ट्रैफिक को और बढ़ा देती हैं।
पोलैंड का यह शहर सड़क सुधार और आधुनिकरण के कारण भारी ट्रैफिक का सामना कर रहा है।
पुणे को भारत के शिक्षा और आईटी हब शहर के तौर पर जाना जाता है, लेकिन यह शहर भी ट्रैफिक से प्रभावित है। मेट्रो निर्माण जारी है, लेकिन जब तक यह पूरी तरह काम नहीं करती, लोग सालाना करीब 150 घंटे जाम में बर्बाद कर रहे हैं।
कोलंबिया की राजधानी में बस नेटवर्क (BRT) बड़ा होने के बावजूद सड़कों की क्षमता आबादी के हिसाब से कम है।
लुब्लिन वहीं इस लिस्ट में पोलैंड का दूसरा शहर जो लगातार बढ़ते ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहा है।
एरेकिपा- पेरू का यह शहर दिखाता है कि सिर्फ बड़े महानगर ही नहीं, बल्कि छोटे और विकसित होते शहर भी ट्रैफिक से प्रभावित हैं।
लीमा- पेरू की राजधानी और दक्षिण अमेरिका का सबसे खराब ट्रैफिक वाला शहर। जाम की वजह से प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
बैंकॉक थाईलैंड की राजधानी में रेल नेटवर्क होने के बावजूद सड़कों पर गाड़ियों की संख्या इतनी अधिक है कि जाम आम है और लोग घंटों फंस जाते हैं।
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ट्रैफिक की यह समस्या शहरों में समय और ऊर्जा की बर्बादी के साथ-साथ प्रदूषण और मानसिक तनाव को भी बढ़ा रही है। इसके समाधान के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन, सड़क विस्तार और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन आवश्यक हैं।