इनवेस्टमेंट के जादूगर वॉरेन बफेट (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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निवेश के जादूगर Warren Buffett का रिटायरमेंट: 60 साल बाद ग्रेग एबल संभालेंगे बर्कशायर का साम्राज्य

Warren Buffett Retirement: निवेश के जादूगर वॉरेन बफेट ने 60 साल बाद बर्कशायर हैथवे के CEO पद से रिटायरमेंट लिया। अब ग्रेग एबल 36 लाख करोड़ रुपये की नकदी और बर्कशायर के साम्राज्य की कमान संभालेंगे।

प्रिया सिंह

Warren Buffett Retires From Berkshire: दुनिया के सबसे महान निवेशक और 'ओरेकल ऑफ ओमाहा' के नाम से मशहूर वॉरेन बफेट ने आखिरकार बर्कशायर हैथवे के सीईओ पद से विदाई ले ली है। बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को 95 वर्षीय बफेट का कंपनी में बतौर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आखिरी दिन था, जिससे अमेरिकी पूंजीवाद के एक ऐतिहासिक अध्याय का समापन हो गया। हालांकि वे गैर-कार्यकारी चेयरमैन के रूप में अपनी सलाह देना जारी रखेंगे, लेकिन अब कंपनी की कमान उनके उत्तराधिकारी ग्रेग एबल के हाथों में होगी। बफेट ने अपने छह दशकों के करियर में बिना कोई फैक्ट्री लगाए सिर्फ सही निवेश के दम पर दुनिया का सबसे बड़ा व्यावसायिक साम्राज्य खड़ा किया।

एक युग का अंत और बफेट की विरासत

वॉरेन बफेट ने पिछले 60 वर्षों में बर्कशायर हैथवे को एक साधारण कपड़ा कंपनी से बदलकर दुनिया की सबसे मूल्यवान फर्मों में से एक बना दिया। उनके पोर्टफोलियो में एप्पल, कोका-कोला, गीको और ड्यूरासेल जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं, जो उनकी पारखी नजर का सबूत देती हैं। उन्होंने साबित किया कि धैर्य और सही समझ के साथ किया गया निवेश किसी भी बड़े उद्योग से ज्यादा संपत्ति पैदा कर सकता है।

बफेट के अनमोल निवेश मंत्र

बफेट का सबसे प्रसिद्ध नियम है कि 'कभी पैसा न खोएं' और हमेशा उन्हीं व्यवसायों में निवेश करें जिन्हें आप अच्छी तरह समझते हैं। वे 'वैल्यू इन्वेस्टिंग' के कट्टर समर्थक रहे हैं और उनका मानना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले स्टॉक को दशकों तक अपने पास रखना चाहिए। उनके अनुसार कंपाउंडिंग की ताकत ही वह असली जादू है जो साधारण निवेश को अरबों की संपत्ति में बदल देती है।

ग्रेग एबल के जिम्मे 36 लाख करोड़ की तिजोरी

62 वर्षीय ग्रेग एबल अब बर्कशायर हैथवे के विशाल साम्राज्य और लगभग 400 अरब डॉलर (35.9 लाख करोड़ रुपये) की नकदी का प्रबंधन करेंगे। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट एबल को बफेट खुद एक 'एनर्जी मशीन' कहते हैं और उन पर कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा जताया है। गिरती ब्याज दरों के बीच इस विशाल नकदी को सही जगह निवेश करना एबल के लिए सबसे बड़ी चुनौती और अवसर होगा।

रिटायरमेंट का भावनात्मक कारण

बफेट ने मई 2025 में ही अपने रिटायरमेंट के संकेत दे दिए थे जब उन्होंने स्वीकार किया कि बढ़ती उम्र के साथ उनकी ऊर्जा और याददाश्त पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने बहुत ही शालीनता से यह स्वीकार किया कि अब समय आ गया है जब नई पीढ़ी को कमान संभाल लेनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कंपनी अब उनके बिना भी सफलता की राह पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भविष्य की रणनीति और नई शुरुआत

नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से बर्कशायर हैथवे एक नए युग में प्रवेश कर रही है जहां बफेट केवल एक मार्गदर्शक की भूमिका में होंगे। बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि क्या ग्रेग एबल भी बफेट की तरह संकट में अवसर ढूंढने का हुनर दिखा पाएंगे। बफेट की विदाई केवल एक पद का त्याग नहीं है बल्कि यह एक विचारधारा की अगली पीढ़ी को सुरक्षित सौंपने की प्रक्रिया है।

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