सांकेतिक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

अमेरिका और सऊदी में फांसी का 'खूनी' रिकॉर्ड! ट्रंप राज में टूटा 16 साल का सन्नाटा; मचा हड़कंप

US Death Penalty News Hindi: 2025 में अमेरिका और सऊदी में मौत की सजा के मामलों ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। US में 16 साल का रिकॉर्ड टूटा तो सऊदी ने 356 लोगों को फांसी दी।

अमन उपाध्याय

USA-Saudi Execution Records 2025: दुनिया को मानवाधिकारों का पाठ पढ़ाने वाले अमेरिका और अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रहे सऊदी अरब के दामन पर फांसी के दाग और गहरे हुए हैं। 'डेथ पेनल्टी इन्फॉर्मेशन सेंटर 2025' की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में अमेरिका ने 47 और सऊदी अरब ने ऐतिहासिक 356 लोगों को मौत की सजा दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में साल 2009 के बाद का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। यानी USA ने 16 साल का अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बदलाव अमेरिका में राजनीतिक माहौल से सीधे तौर पर जुड़ा है। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में रिपब्लिकन सरकार आने के बाद फांसी की सजा के समर्थन में माहौल मजबूत हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि ऐसे मामलों में अदालतों की निगरानी और हस्तक्षेप भी पहले के मुकाबले कम हुआ है।

फांसी देने के विवादित तरीके

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह रुझान निर्वाचित प्रतिनिधियों के फैसलों और जनता की राय के बीच बढ़ते अंतर को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी जनमत सर्वेक्षणों में लंबे समय से मौत की सजा के समर्थन में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन नीति स्तर पर इसके उलट फैसले लिए जा रहे हैं। अमेरिका के कुछ राज्यों ने फांसी देने के विवादित तरीकों को भी अपनाया है। इनमें नाइट्रोजन गैस और फायरिंग स्क्वॉड जैसे तरीके शामिल हैं, जिन पर मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। राज्यों की बात करें तो फ्लोरिडा में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां 2025 में 19 लोगों को फांसी दी गई।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती फांसियां नीति में बदलाव और फेडरल अदालतों की कमजोर निगरानी का नतीजा हैं। एक अकादमिक विशेषज्ञ ने मौजूदा सिस्टम को 'बिना किसी सुरक्षा जाल के काम करने वाला तंत्र' बताया है।

सऊदी अरब ने तोड़ा अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

वहीं दूसरी ओर, सऊदी अरब में फांसी के आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं। मानवाधिकार संगठनों और आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में सऊदी अरब में 356 लोगों को फांसी दी गई जो किसी भी एक साल में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

विश्लेषकों के अनुसार, इस भारी बढ़ोतरी की मुख्य वजह देश की सख्त ड्रग्स के खिलाफ नीति है। रिपोर्ट बताती है कि 356 में से 243 फांसियां ड्रग्स से जुड़े मामलों में दी गईं। इनमें से कई आरोपी सालों पहले गिरफ्तार किए गए थे और लंबी अदालती प्रक्रिया के बाद इस साल उन्हें सजा सुनाई गई।

छवि सुधारने की कोशिश

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 'विजन 2030' के तहत अपनी रूढ़िवादी छवि को सुधारने का संकल्प लिया है। हालांकि, ड्रग अपराधों में दी जा रही सामूहिक फांसियां उनके मानवाधिकार रिकॉर्ड पर एक बड़ा दाग मानी जा रही हैं। गौरतलब है कि सऊदी अरब ने ड्रग्स से जुड़े अपराधों में फांसी पर अस्थायी रोक लगाई थी लेकिन 2022 के अंत में इसे फिर से लागू कर दिया गया। इन मामलों में मौत की सजा पाने वालों में विदेशी नागरिकों की भी बड़ी संख्या शामिल है

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