यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

बिना दुश्मन के वार के 'जख्मी' हुआ US का सुपरकैरियर; 100 केबिन और लॉन्ड्री रूम तबाह, अब क्रोएशिया में होगा इलाज

USS Gerald R Ford: अमेरिकी विमानवाहक युद्धपोत USS गेराल्ड आर. फोर्ड 9 महीने के लंबे मिशन के बाद क्रोएशिया के स्प्लिट बंदरगाह पहुंचा है। रेड सी में आग लगने की घटना के बाद अब जहाज की मरम्मत की जाएगी।

अमन उपाध्याय

Why USS Gerald R Ford In Croatia: अमेरिका का सबसे बड़ा और आधुनिक परमाणु-शक्ति संचालित विमानवाहक युद्धपोत USS गेराल्ड आर. फोर्ड शनिवार को मरम्मत के लिए क्रोएशिया के स्प्लिट बंदरगाह पर पहुंचा। यह विशालकाय जहाज करीब 9 महीने तक लगातार समुद्र में तैनात रहने के बाद यहां आया है। अपनी तैनाती के दौरान इसने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई और रेड सी में महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में हिस्सा लिया था। इससे पहले यह जहाज कैरेबियन सागर में वेनेजुएला से जुड़े मिशनों में भी शामिल रहा था।

रेड सी में आग की घटना और नुकसान

12 मार्च को रेड सी में ऑपरेशन के दौरान इस युद्धपोत पर एक बड़ा हादसा हुआ था। जहाज के कपड़े धोने वाले हिस्से (लॉन्ड्री रूम) में अचानक आग लग गई थी। जांच में पाया गया कि यह आग किसी बाहरी हमले से नहीं बल्कि अंदरूनी तकनीकी कारणों से लगी थी। इस आग पर काबू पाने में कई घंटे लगे जिसमें 3 सैनिक घायल हुए और लगभग 200 सैनिकों को धुएं की वजह से इलाज की जरूरत पड़ी। आग इतनी भीषण थी कि इससे जहाज के करीब 100 सोने वाले केबिन प्रभावित हुए।

650 टॉयलेट खराब और अन्य तकनीकी चुनौतियां

9 महीने की लंबी और चुनौतीपूर्ण तैनाती के कारण दुनिया के इस सबसे बड़े युद्धपोत में कई तकनीकी समस्याएं भी सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर मौजूद लगभग 650 टॉयलेट बार-बार खराब हो रहे थे जिससे वहां तैनात हजारों सैनिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल के कारण अन्य प्रणालियों में भी मरम्मत की आवश्यकता महसूस की गई है।

NATO सदस्य के साथ रणनीतिक संबंध

क्रोएशिया नाटो (NATO) का एक सदस्य देश है उसने इस अमेरिकी युद्धपोत के रुकने की पहले ही मंजूरी दे दी थी। अमेरिकी दूतावास के अनुसार, क्रोएशिया में रुकने के दौरान जहाज पर स्थानीय अधिकारियों और नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा ताकि अमेरिका और क्रोएशिया के बीच सैन्य और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूती दी जा सके।

युद्धपोत की ताकत

USS गेराल्ड आर. फोर्ड केवल एक जहाज नहीं बल्कि समुद्र में तैरता हुआ एक सैन्य शहर है। इस पर 5,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं और यह 75 से अधिक लड़ाकू विमानों को ढोने की क्षमता रखता है जिसमें F-18 सुपर हॉर्नेट जैसे घातक फाइटर जेट शामिल हैं। इसमें एक अत्यंत आधुनिक रडार सिस्टम लगा है जो हवाई यातायात और नेविगेशन को संभालता है।

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