'एनर्जी ठिकानों पर हमले मंजूर नहीं', PM मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस की फोन पर बात; इन मुद्दों को लेकर हुई चर्चा

PM Modi Saudi Talks: पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों को लेकर चर्चा हुई।
'Attacks on Energy Facilities Are Unacceptable': PM Modi Speaks with Saudi Crown Prince Over Phone; Discussions Held on These Issues
नरेंद्र मोदी और मोहम्मद बिन सलमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Updated on

PM Modi Mohammed Bin Salman Call: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 28 मार्च 2026 को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के साथ महत्वपूर्ण टेलीफोनिक वार्ता की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बिगड़ते सुरक्षा हालात और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले इसके प्रभावों पर चर्चा करना था। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद से यह क्षेत्र युद्ध की आग में झुलस रहा है।

एनर्जी ठिकानों पर हमलों की निंदा

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता के लिए ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा अनिवार्य है। इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई। तनावपूर्ण माहौल में समुद्री व्यापार के रास्तों को सुरक्षित और खुला रखना दोनों देशों के साझा हितों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

भारतीय समुदाय का कल्याण और आभार

प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब में रह रहे लाखों भारतीयों के हितों और उनके कल्याण के प्रति निरंतर समर्थन देने के लिए सऊदी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि युद्ध के इस कठिन दौर में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और कूटनीतिक प्रयास

सऊदी प्रिंस से बात करने से पहले पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी फोन पर चर्चा की थी जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के महत्व पर जोर दिया गया था। युद्ध के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है, लेकिन ईरान ने हाल ही में भारत समेत पांच मित्र देशों (भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान) के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात कही है। रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में एलपीजी (LPG) से लदे दो और भारतीय जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया है जबकि कई अन्य अभी भी इंतजार में हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com