टैरिफ पर ट्रम्प को बड़ा झटका, फोटो (सो. सोशल मीडिया)  
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'ट्रंप का टैरिफ गैरकानूनी', अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति को बड़ा झटका; अधिकारों के उल्लंघन का लगा आरोप

US Supreme Court Trump Tariffs: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है। अदालत ने कहा कि ट्रंप ने नेशनल इमरजेंसी कानूनों का दुरुपयोग किया है।

अमन उपाध्याय

Trump Tariff Illegal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को न्यायिक मोर्चे पर अपनी अब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दुनिया के लगभग हर देश पर लगाए गए वैश्विक टैरिफ को रद्द करते हुए इसे गैरकानूनी बताया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का उल्लंघन किया है। जिससे उनके आर्थिक एजेंडे का एक मुख्य स्तंभ ढह गया है।

6-3 का बहुमत और न्यायाधीशों का रुख

अदालत ने यह फैसला 6-3 के बहुमत से सुनाया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय लिखते हुए कहा कि संविधान बहुत स्पष्ट रूप से कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को कर लगाने की शक्ति देता है जिसमें टैरिफ भी शामिल हैं। संविधान निर्माताओं ने कर लगाने की शक्ति का कोई भी हिस्सा कार्यकारी शाखा (राष्ट्रपति) को नहीं सौंपा था। हैरानी की बात यह रही कि ट्रंप द्वारा नियुक्त किए गए तीन न्यायाधीशों में से दो नील गोर्सच और एमी कोनी बैरेट ने मुख्य न्यायाधीश और तीन उदारवादी न्यायाधीशों के साथ मिलकर राष्ट्रपति के खिलाफ वोट दिया। वहीं जस्टिस ब्रेट कवानो ने इस निर्णय से असहमति जताई और उनके समर्थन में जस्टिस क्लेरेंस थॉमस तथा सैमुअल अलिटो भी खड़े रहे।

मामले की कानूनी पृष्ठभूमि

ट्रंप प्रशासन ने 1977 के एक आपातकालीन शक्तियों वाले कानून का उपयोग करते हुए ये टैरिफ एकतरफा तरीके से थोपे थे। न्याय विभाग का तर्क था कि यह कानून राष्ट्रपति को आपातकाल के दौरान आयात को विनियमित करने की शक्ति देता है। हालांकि, चुनौती देने वालों ने तर्क दिया कि इस कानून में 'टैरिफ' शब्द का उल्लेख तक नहीं है। कांग्रेशनल बजट ऑफिस (CBO) के अनुसार, इन टैरिफ का अगले दशक में लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक प्रभाव होने का अनुमान था।

शेयर बाजार और भविष्य की राह

अदालत के इस फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में हल्की हलचल देखी गई। S&P 500 सूचकांक फैसले के तुरंत बाद 0.1% ऊपर चढ़ गया। जानकारों का मानना है कि ट्रंप के पास अभी भी कुछ अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत टैरिफ लागू करने का विकल्प मौजूद है, हालांकि वे प्रक्रियाएं वर्तमान व्यवस्था की तुलना में अधिक समय लेने वाली हैं और उनमें राष्ट्रपति के अधिकारों पर सख्त कानूनी प्रतिबंध भी लागू होते हैं।

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