US Air Raids on Drug Boat: अमेरिकी सेना ने 15 दिसंबर 2025 को पूर्वी प्रशांत महासागर में तीन जहाजों पर हवाई हमले किए, जो ड्रग्स तस्करी में शामिल थे। इन हमलों में 8 तस्करों की मौत हो गई। यह कार्रवाई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में चल रहे ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत सितंबर से अब तक 26 जहाजों को नष्ट किया जा चुका है और 90 से अधिक तस्करों की जान गई है।
अमेरिकी सेना के दक्षिणी कमान ने जानकारी दी कि ये जहाज नार्को-तस्करी के प्रसिद्ध रूट पर चल रहे थे। हवाई हमले के दौरान, पहले जहाज में तीन, दूसरे में दो और तीसरे में तीन तस्करों की मौत हुई। अमेरिकी सेना ने हमलों का वीडियो भी जारी किया, जिसमें तीनों जहाजों पर हवाई हमले की कार्रवाई दिखाई गई है।
यह अभियान, जो ट्रंप के आदेश पर चल रहा है, कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग्स तस्करी करने वाले जहाजों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी सेना ने इन समुद्रों में अपनी नौसेना और एयरफोर्स की बड़ी तैनाती की है, जिसमें विमान वाहक जहाज और युद्धपोत शामिल हैं। ट्रंप का उद्देश्य इन जहाजों को नष्ट करके ड्रग्स तस्करी पर नियंत्रण पाना है।
हालांकि, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इस अभियान पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह अभियान वेनेजुएला में शासन परिवर्तन की कोशिश हो सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र में तस्करी वेनेजुएला को भी प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार, अमेरिकी सेना का यह अभियान राजनीतिक विवादों को जन्म दे रहा है, खासकर वेनेजुएला के संदर्भ में।
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इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे फेंटेनाइल और उसके कच्चे रसायनों को "सामूहिक विनाश का हथियार" (WMD) घोषित करने जा रहे हैं। WMD शब्द पहले इराक पर हमले से पहले इस्तेमाल किया गया था, जब यह दावा किया गया था कि इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन के पास सामूहिक विनाश के हथियार हैं। ट्रंप के इस कदम को ड्रग तस्करों और कार्टेल के खिलाफ सख्त नीति अपनाने का संकेत की तरह देखा जा रहा है।