Iranian Diplomats kicked out: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच एक अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका ने ईरान के दो राजनयिकों को देश से बाहर निकाल दिया है। यह दावा एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए किया गया है कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्यों को शनिवार को अमेरिका से बाहर निकाल दिया गया। यह कार्रवाई तब की गई जब वे देश छोड़ने के अमेरिकी विदेश विभाग के आदेश का पालन करने में कथित तौर पर विफल रहे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया संकट, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दो ईरानी राजनयिकों से कई दिन पहले ही अमेरिका छोड़ने को कहा गया था, लेकिन वे न्यूयॉर्क में ही बने रहे, जिसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने उनके तुरंत जाने की नई मांग की। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सेक्रेटरी रुबियो सख्ती से काम कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के खत्म होने के काफी समय बाद भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्य न्यूयॉर्क में ही पाए गए। अब उन्हें देश से बाहर निकाल दिया गया है। अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसका पूरा प्रतिनिधिमंडल तुरंत देश छोड़ दे। हालांकि, आदेश के बावजूद प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्य न्यूयॉर्क में ही रुके रहे।
अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन को शुक्रवार को सूचित किया गया था कि अमेरिकी अधिकारियों को पता है कि दोनों राजनयिक शहर में ही हैं, जबकि उन्हें जाने का निर्देश दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान को फिर से बताया गया कि दोनों राजनयिकों को तुरंत जाना होगा। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरानी राजनयिकों में से एक शुक्रवार रात न्यूयॉर्क से चला गया, जबकि दूसरा शनिवार सुबह रवाना हुआ।
यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है, क्योंकि युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें नाकाम हो रही हैं और फिर से लड़ाई शुरू होने की आशंका बढ़ रही है। यह घटनाक्रम वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बिगड़े रिश्तों का एक और संकेत है।
अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के उन राजनयिक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिन्होंने देश छोड़ने के आदेश का पालन नहीं किया था। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि स्टेट डिपार्टमेंट के शुरुआती आदेश के बाद भी न्यूयॉर्क में इन दो राजनयिकों के बने रहने की वजह से उन्हें तुरंत देश छोड़ने के लिए दोबारा कहा गया। इन सब के बीच पश्चिम एशिया में फिर से लड़ाई शुरू होने की चिंता भी बनी हुई है।