UNGA 81: ऑनलाइन स्कैम, आतंकवाद और तस्करी पर सख्त रुख, भारत समेत कई देशों ने वैश्विक सहयोग बढ़ाने की मांग

UNGA 81 Online Scam & Terrorism: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत, कंबोडिया और कई देशों ने ऑनलाइन स्कैम, आतंकवाद, से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की मांग की।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा सोर्स-IANS
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UNGA 81 UNGA International Cooperation: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भारत, कंबोडिया और कई अन्य देशों ने ऑनलाइन स्कैम, आतंकवाद, मानव तस्करी और सीमा पार संगठित अपराध से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर मजबूत सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।

नेताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क का दुरुपयोग कर अपराधी सीमाओं के पार अपनी गतिविधियां चला रहे हैं, जिनसे कोई एक देश अकेले प्रभावी ढंग से नहीं लड़ सकता। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराते हुए सीमा पार आतंकवाद को वैश्विक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया।

AI के दुरुपयोग को लेकर कई देशों ने जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र महासभा में दी गई इन चेतावनियों से यह भी सामने आया कि अब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का मतलब सिर्फ पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं रह गया है। वक्ताओं ने कहा कि आज खतरे मोबाइल फोन, फाइनेंशियल चैनलों और अलग-अलग देशों में फैले आपराधिक संगठनों के जरिए आसानी से सीमाएं पार कर सकते हैं।

कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री प्राक सोखोन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल टेक्नोलॉजी विकास की रफ्तार बढ़ा सकती हैं, लेकिन अगर इनका गलत इस्तेमाल किया जाए तो ये असुरक्षा, असमानता और सीमा पार अपराधों को भी बढ़ावा दे सकती हैं।

UNGA में ऑनलाइन स्कैम पर वैश्विक कार्रवाई की मांग

उन्होंने कहा कि कंबोडिया ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से लड़ने को अपनी 'सबसे बड़ी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में से एक' बनाया है। कंबोडिया अपने कानूनों और संस्थाओं को मजबूत कर रहा है। इसके साथ ही स्कैम सेंटरों और उन्हें चलाने वाले आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई भी बढ़ाई जा रही है।

सोखोन ने कहा कि ये नेटवर्क कई देशों में फैले हुए हैं, इसलिए सिर्फ किसी एक देश के अंदर कार्रवाई करके इन्हें पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "कोई भी देश अकेले इसमें कामयाब नहीं हो सकता।"

आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा

कंबोडिया ने हाल ही में ऑनलाइन स्कैम को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया था। इसमें संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स और क्राइम ऑफिस, इंटरपोल और दूसरे संगठनों का सहयोग मिला था।

सोखोन ने ऑनलाइन स्कैम चलाने वाले नेटवर्क को तोड़ने और खत्म करने के लिए राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मिलकर कार्रवाई करने की मांग की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि आतंकवाद अब भी अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए लगातार बना हुआ खतरा है।

जयशंकर ने आतंकवाद पर दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति

उन्होंने सरकार के समर्थन से होने वाले सीमा पार आतंकवाद को 'वैश्विक व्यवस्था पर सीधा हमला' बताया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति में कोई ढील नहीं होनी चाहिए। जयशंकर ने AI के गलत इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि इसके गलत इस्तेमाल से पहले से मौजूद पक्षपात और बढ़ सकता है और लोगों तथा देशों के बीच आपसी सम्मान कमजोर हो सकता है। इस तरह उन्होंने नई टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल को कट्टरपंथी नेटवर्क और आतंकवाद को सरकारी समर्थन जैसी पुरानी सुरक्षा चिंताओं से भी जोड़ा।

आतंकवाद की फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की मांग

कोलंबिया ने देशों से आतंकवाद की एक साझा कानूनी परिभाषा पर सहमत होने की अपील की। उसने देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने, कानूनी और न्यायिक सहयोग बढ़ाने तथा आतंकवाद की फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की भी मांग की।

आतंकवाद की ऐसी परिभाषा पर पूरी दुनिया में सहमति नहीं होने की वजह से अपराधियों पर मुकदमा चलाने, उनकी फंडिंग रोकने और आतंकवाद को दूसरी तरह की हिंसा से अलग पहचानने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशें मुश्किल हो जाती हैं।

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मानव तस्करी और संगठित अपराध पर साझा रणनीति की अपील

डोमिनिकन रिपब्लिक ने पड़ोसी देश हैती में आपराधिक संगठनों की गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी। उसने कहा कि ये संगठन इलाकों पर कब्जा कर रहे हैं, हथियारों और लोगों की तस्करी कर रहे हैं और बच्चों की भर्ती भी कर रहे हैं।

डोमिनिकन रिपब्लिक के राष्ट्रपति लुइस अबिनाडर ने कहा कि ये नेटवर्क पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंजूर सुरक्षा बल की पूरी तैनाती की मांग की। उनके मुताबिक, इस मिशन के लिए जितने लोगों की जरूरत है, फिलहाल उसका केवल एक छोटा हिस्सा ही उपलब्ध कराया गया है।

समुद्री सुरक्षा और खुफिया सहयोग बढ़ाने पर जोर

सेशेल्स ने कहा कि सीमा पार संगठित अपराध, ड्रग्स की तस्करी और गैरकानूनी तरीके से मछली पकड़ने जैसी गतिविधियां उसकी अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रही हैं। राष्ट्रपति मैथ्यू हर्मिनी ने देशों के बीच ज्यादा खुफिया जानकारी साझा करने, समुद्री इलाकों की निगरानी बढ़ाने और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को ठोस मदद देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जिन छोटे देशों को बहुत बड़े समुद्री इलाके की निगरानी करनी पड़ती है, उनसे अमीर देशों जैसे सुरक्षा मानकों की उम्मीद नहीं की जा सकती, अगर उन्हें इसके लिए जरूरी उपकरण और संसाधन ही न दिए जाएं। फिलीपींस ने मानव तस्करी और प्रवासी कामगारों के शोषण की तरफ ध्यान दिलाया। फिलीपींस की विदेश मंत्री थेरेसा लाजारो ने कहा कि किसी प्रवासी का कानूनी दर्जा चाहे जो भी हो, उसे मानवाधिकारों की सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खतरनाक प्रवासी रास्तों से सफर करने वाले लोगों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है।

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