ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

होमुर्ज का सपना देखना बंद करें अमेरिका...ट्रंप की धमकी पर ईरान का दो टूक जवाब, बोले- नहीं बदलेगा स्टैंड

Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़ा सैन्य टकराव का खतरा। डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित हमले के संकेत दिए, वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ी चेतावनी दी।

अक्षय साहू

Highlights:

  • अब्बास अराघची ने ईरान पर नए अमेरिकी हमले को अविवेकपूर्ण बताया

  • ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए

  • ईरान ने 80 से अधिक अमेरिकी विमानों को नष्ट करने का दावा किया

Iran US War Tensions: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि आने वाले कुछ दिनों अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि कोई नया युद्ध हो या नहीं, ईरान की नीतियों में बदलाव नहीं होगा। 

अब्बास अराघची ने कहा ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या किसी अन्य देश ने दोबारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने की कोशिश की, तो यह पूरी तरह अविवेकपूर्ण कदम होगा। ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के मुताबिक, अराघची ने यह बयान तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया।

होमुर्ज  स्ट्रेट की स्थिति अब पहले जैसी नहीं

ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज स्थिति बदल चुकी है। उनके मुताबिक, इस संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव किए हैं और पश्चिम एशिया में एक नई वास्तविकता सामने आई है।

अराघची ने कहा, स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज 40 दिनों के युद्ध से पहले जैसा नहीं रहेगा। उन्होंने इस संघर्ष को क्षेत्रीय इतिहास का अहम मोड़ बताते हुए कहा कि युद्ध का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध का अंत सभी मोर्चों पर होना चाहिए। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान किसी एक मोर्चे तक सीमित समाधान के बजाय व्यापक स्तर पर संघर्ष समाप्त करने की बात कर रहा है।

80 से ज्यादा अमेरिकी विमान नष्ट: ईरान 

अराघची ने युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य नुकसान को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक, ईरानी बलों ने संघर्ष के दौरान 80 से अधिक अमेरिकी विमानों और लड़ाकू विमानों को नष्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से लगभग सभी विमानों को जमीन पर मौजूद रहने के दौरान मिसाइलों से निशाना बनाया गया।

ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में अमेरिका के लगभग सभी सैन्य ठिकाने तबाह हो गए और वहां मौजूद सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इन आंकड़ों को ईरान की ओर से किए गए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

ट्रंप ने ईरान पर जल्द हमले की संभावना जताई

डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान पर जल्द सैन्य कार्रवाई हो सकती है। फ्लोरिडा में मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। इस पर ट्रंप ने कहा, "क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको यह बताऊंगा? शायद कल  इसकी संभावना है। यह भी संभव है कि हमारे बीच एक अच्छा, बड़ा और शानदार समझौता हो जाए।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह इसका पालन करेगा। उन्होंने अमेरिकी सेना और नौसेना की तारीफ करते हुए दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के सभी लड़ाकू विमान निष्क्रिय कर दिए गए हैं और 259 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। 

होर्मुज समझौते की खबर को ईरान ने बताया फर्जी

इस बीच, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने से जुड़े कथित प्रस्ताव की खबरों को खारिज कर दिया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से संबद्ध समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के सामने कोई नया प्रस्ताव नहीं रखा है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सऊदी अरब के एक मीडिया संस्थान की यह खबर कि तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को प्रस्ताव भेजा है, झूठ और मनगढ़ंत कहानी है। इससे पहले भी ऐसी खबरें सामने आई थीं कि ईरान ने होर्मुज खोलने के बदले अमेरिकी नाकेबंदी हटाने का प्रस्ताव दिया है।

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