वोलोडिमिर जेलेंस्की, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप को उनके ही दांव में फंसाने की तैयारी में यूक्रेन! शांति प्रस्ताव ने लगाई मुहर, यहां किया खेल

Russia Ukraine War: यूक्रेनी युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका का दावा है कि यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर सहमत हो गया है, लेकिन राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा अभी और बातचीत आवश्यक है।

अक्षय साहू

Russia Ukraine Peace Deal: रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश किए गए नए शांति प्रस्ताव पर केंद्रित है। इस प्रस्ताव को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए हैं। अमेरिका का दावा है कि यूक्रेन इस शांति डील पर सहमत हो गया है, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का कहना है कि अभी इस पर और काम करना बाकी है।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ट्रंप के 28 सूत्री शांति प्रस्ताव पर बातचीत जारी है। इस क्रम में मंगलवार को अमेरिकी आर्मी सेक्रेटरी ने अबू धाबी में रूसी अधिकारियों के साथ बैठक की। उसी दौरान यूक्रेन का एक प्रतिनिधिमंडल भी वहां मौजूद था। बातचीत के बाद एक अमेरिकी अधिकारी ने जानकारी दी कि यूक्रेन इस समझौते को स्वीकार कर चुका है और केवल कुछ शेष विवरण तय किए जाने बाकी हैं।

जेलेंस्की ने दिए अलग संकेत

हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस दावे से असहमति जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि जिनेवा में हुई पिछली बैठक के दौरान शांति के कई संभावित रास्ते दिखाई दिए हैं, लेकिन अब भी काफी काम बाकी है। इससे पहले सोमवार को भी उन्होंने कहा था कि यूक्रेन इस समय एक नाजुक दौर से गुजर रहा है। उनके अनुसार, देश के लिए सम्मान बनाए रखना और अमेरिकी सहयोग को न खोना, दोनों ही बड़े चुनौतीपूर्ण मुद्दे हैं।

जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि असली और स्थायी शांति के लिए यूक्रेन को और समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अमेरिका सहित सभी सहयोगी देशों के साथ मिलकर ऐसे समझौतों की दिशा में काम करते रहेंगे जो यूक्रेन को मजबूत बनाएं, न कि उसे कमजोर करें।

NATO में शामिल होने पर अटकी बात

ट्रंप प्रशासन के प्रस्ताव में यूक्रेन से दोनबास क्षेत्र को छोड़ने, सैन्य बलों में कटौती करने और NATO सदस्यता की अपनी आकांक्षा छोड़ने की बात कही गई है। इसके साथ ही अमेरिका, क्रीमिया को रूस के आधिकारिक हिस्से के रूप में मान्यता देने पर विचार कर सकता है। लेकिन यूक्रेन लंबे समय से ऐसी मांगों को अस्वीकार करता आया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की कई बार कह चुके हैं कि इस प्रकार की शर्तें यूक्रेन के लिए लाल रेखा हैं और देश की संप्रभुता पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

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