TTP Takeover Pakistan Army Outpost: पाकिस्तानी आंतकियों को पालने और पनाह देने के लिए बदनाम है, लेकिन अब इसका खामियाजा खुद पाकिस्तान को उठाना पड़ रहा है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और पाकिस्तानी सेना से बीच तनाव जारी है। इसी बीच टीटीपी ने पाकिस्तानी सेना को एक और बड़ा झटका देते हुए एक चौकी पर कब्जा कर लिया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
टीटीपी की ओर से जारी किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना के बन्नू जिले में स्थित चौकी पर तालिबानी लड़ाके पेट्रोलिंग कर रहे हैं। वीडियो में वे दावा कर रहे हैं कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना को खदेड़ दिया और आसिम मुनीर के सैनिकों ने उनका सामना करने के बजाय वहां से भागने को ही बेहतर समझा। टीटीपी के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिक न तो उन्हें चुनौती दे पाए और न ही उस चौकी को बचा पाए।
इसी बीच, तुर्की के इस्तांबुल में पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच हुई ताजा शांति वार्ता भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। दोनों देशों के प्रतिनिधि सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हुए नजर आए, जैसा कि पहले भी हुआ था।
अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर असहयोग और गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जबकि पाकिस्तान ने वार्ता को पूरी तरह से गतिरोध में फंसा हुआ बताया। इस वार्ता के असफल होने के बाद ही टीटीपी ने खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी सेना की चौकी पर हमला कर उसे कब्जे में ले लिया और सैनिकों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा।
इसके अलावा, खुफिया सूत्रों के अनुसार, डुरंड लाइन के आस-पास के कई इलाकों पर टीटीपी ने पहले ही अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। खैबर, कुर्रम, उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान, और बाजौर जैसे इलाके अब पाकिस्तानी सेना के लिए नो-गो जोन बन चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि टीटीपी ने इन क्षेत्रों में खुलेआम चौकियां बना रखी हैं, जहां उनके लड़ाके वाहनों की जांच कर रहे हैं, लोगों के पहचान पत्र चेक कर रहे हैं, और पेशावर-खैबर रोड, हंगरू-खुर्रम कॉरिडोर, और बन्नू-डेरा इस्माइल खान जैसे महत्वपूर्ण रूट्स पर जिहाद के नाम पर पैसे भी ले रहे हैं। आतंकी समूह ने खुद भी अपने वीडियो जारी किए हैं, जिसमें उनके लड़ाके सड़कों पर गश्त करते हुए और चौकियां संभालते हुए दिखाई दे रहे हैं।