Venezuela Military Operation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों द्वारा किए गए ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। ट्रंप ने इस कार्रवाई को एक 'कमाल का मिलिट्री कारनामा' करार दिया है। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद नियोजित और रणनीतिक रूप से शानदार था।
उन्होंने आगे बताया कि ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पूरे काराकास की बिजली काट दी गई थी और घुप अंधेरे में अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम से घसीटकर ले गए।
डोनाल्ड ट्रंप ने विवरण देते हुए बताया कि यह मिशन बहुत कठिन था जिसमें 152 हवाई जहाजों और बड़ी संख्या में जमीनी सैनिकों का उपयोग किया गया। ट्रंप ने दावा किया कि इस ऑपरेशन के दौरान एक भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई, जबकि दूसरी तरफ काफी लोग मारे गए जिनमें से अधिकांश क्यूबा के नागरिक थे।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला को पता था कि अमेरिकी सेना आ रही है लेकिन टैक्टिकल सरप्राइज के कारण वे कुछ कर नहीं सके। ट्रंप ने इसे इतिहास की सबसे बड़ी मिलिट्री कामयाबियों में से एक बताया है।
इस ऑपरेशन की सफलता पर गर्व करते हुए ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके पास धरती पर सबसे ताकतवर, सबसे जानलेवा और सबसे सोफिस्टिकेटेड मिलिट्री है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में कोई भी अमेरिकी ताकत के आस-पास भी नहीं है और किसी के पास ऐसे हथियार या क्वालिटी नहीं है जो अमेरिकी सेना का मुकाबला कर सके।
ऑपरेशन के बाद ट्रंप के तेवर और भी कड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को भी चेतावनी दी है। ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि अगर वेनेजुएला के बेहतर भविष्य के लिए वह सही कदम नहीं उठातीं, तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। हालांकि, रोड्रिग्ज ने मादुरो को देश से ले जाने की कड़ी आलोचना की है और अमेरिका से उन्हें वापस लौटाने की मांग की है।
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विशेषज्ञ अब इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि वेनेजुएला के बाद ट्रंप की टेढ़ी नजर किन देशों पर हो सकती है। चर्चाएं तेज हैं कि क्या अगला नंबर मैक्सिको, क्यूबा या ग्रीनलैंड का हो सकता है। वेनेजुएला में दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार होने के कारण भी अमेरिका की इस चाल को बेहद अहम माना जा रहा है।