जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Trump Threatens Germany: ईरान जंग पर जर्मनी ने US को दिखाया आईना! ट्रंप ने दी सेना हटाने की धमकी

Trump Threatens Germany: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध पर जर्मनी के रुख से बेहद नाराज होकर वहां से अपने 50,000 सैनिकों को हटाने वाले हैं, जिससे पश्चिमी देशों में हलचल है।

प्रिया सिंह

Trump Threatens Germany Amid Iran War Dispute: अमेरिका और जर्मनी के बीच एक बहुत ही बड़ा और गंभीर विवाद पैदा हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब जर्मनी में तैनात अपने सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने 29 अप्रैल को ट्रुथ सोशल पर यह अहम घोषणा की है और कहा है कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। यह विवाद ईरान युद्ध पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के एक बयान के बाद शुरू हुआ है।

जानकारी के अनुसार 2024 में जर्मनी में अमेरिका के लगभग 35,000 से ज्यादा सैनिक मौजूद थे। अब जर्मन मीडिया के अनुसार यह बड़ी संख्या बढ़कर करीब 50,000 के आसपास पहुंच चुकी है। डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी यूरोपीय सहयोगी देशों से अपने सैन्य बलों को हटाने की कड़ी धमकी दे चुके हैं। वॉशिंगटन उन सभी सहयोगी देशों को अब सजा देना चाहता है जिन्होंने ईरान पर उसका साथ नहीं दिया।

जर्मन चांसलर का बयान

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के युद्ध को लेकर गहरा संदेह व्यक्त किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान बातचीत की मेज पर दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका को शर्मिंदा कर रहा है। इसके साथ ही मर्ज ने यूरोप पर इस युद्ध के भयानक परिणामों को लेकर भी अपनी गंभीर चिंता जाहिर की थी।

ट्रंप का जोरदार पलटवार

जर्मन चांसलर के इस तीखे बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को उन पर बहुत ही जोरदार तरीके से पलटवार किया। ट्रंप ने बहुत सख्त लहजे में कहा कि मर्ज को लगता है कि ईरान के पास खतरनाक परमाणु हथियार होना पूरी तरह से ठीक है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि जर्मन नेता को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि वह क्या कह रहे हैं।

कूटनीतिक तनाव और संबंध

इन सारे बड़े विवादों के बावजूद बुधवार को जर्मन चांसलर मर्ज ने इस पूरे मुद्दे को थोड़ा कम करने की कोशिश की। उन्होंने बर्लिन में कहा कि उनके और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच के व्यक्तिगत संबंध अभी भी पहले की तरह अच्छे हैं। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल से फोन पर बहुत अहम बात की है।

अन्य देशों को भी चेतावनी

अमेरिका उन पश्चिमी सहयोगी देशों के खिलाफ भी बहुत कड़े कदम उठा सकता है जिन्होंने ईरान के खिलाफ उसकी मदद नहीं की है। पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट आई थी कि अमेरिका स्पेन को नाटो से बाहर करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसके अलावा 1982 के युद्ध के बाद ब्रिटेन के फॉकलैंड द्वीपों पर नियंत्रण को लेकर भी अमेरिका अपनी स्थिति बदल सकता है।

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