युद्ध रोकने के लिए एक हुए ट्रंप-पुतिन! फोन पर डेढ़ घंटे तक चली बातचीत, विजय दिवस पर थम जाएगी जंग

Trump-Putin Talks on Middle East Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करीब डेढ़ घंटे तक फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने मिडिल संकट पर चर्चा की।
Trump-Putin Holds Phone Call
व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump-Putin Holds Phone Call: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई, जिसमें इजरायल-ईरान जंग और यूक्रेन के साथ जारी युद्ध को खत्म करने जैसे कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई। ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने ईरान के साथ परमाणु संधि को लेकर जारी वार्ता में शामिल होने की इच्छा जताई है। 

ट्रंप के अनुसार, पुतिन ने ईरान के लगभग 970 पाउंड (करीब 440 किलोग्राम) यूरेनियम भंडार के मुद्दे पर रूस को एक मध्यस्थ के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन ईरान के परमाणु संवर्धन (न्यूक्लियर एनरिचमेंट) से जुड़ी वार्ताओं में मदद करना चाहते हैं। इस पर ट्रंप ने जवाब दिया कि उनकी प्राथमिकता यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करना है और वे चाहते हैं कि रूस इसमें सक्रिय भूमिका निभाए।

विजय दिवस के मौके पर युद्ध विराम का ऐलान

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, करीब डेढ़ घंटे चली इस बातचीत में पुतिन ने संकेत दिया कि वे विजय दिवस के मौके पर युद्ध विराम की घोषणा के लिए तैयार हैं, जिसका उन्होंने समर्थन किया है। हालांकि पुतिन ने सच में युद्धविराम की घोषणा करने को लेकर ट्रंप से कोई बात की है या नहीं इसे लेकर रूस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं  आया है।

पुतिन ने अमेरिका को दी चेतावनी

जानकारी के मुताबिक, ट्रंप से बातचीत के दौरान पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इजरायल मध्य पूर्व में दोबारा सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो इसके गंभीर और विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। रूस को ईरान का रणनीतिक साझेदार माना जाता है। इजरायल और अमेरिका ने ईरान से साथ युद्ध को लेकर कई बार यह आरोप लगाया था कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए रूस और चीन तेहरान की मदद कर रहे है।

जेलेंस्की के रवैये पर भी चर्चा

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने वोलोडिमिर जेलेंस्की के नेतृत्व वाली यूक्रेनी सरकार के रवैये पर भी चर्चा की और इसे संघर्ष लंबा खींचने वाला बताया। अंत में दोनों नेताओं ने सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत समाप्त की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बात को यूक्रेन युद्ध की समाप्ति की ओर एक अहम कदम की तरह देखा जा रहा है।

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