अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोर्स- IANS
विदेश

ब्रिटेन के एयरबेस की सुरक्षा में सेंधमारी, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को दी चेतावनी; यूके के दावे पर मुहर!

Donald Trump Warns Iran: ब्रिटेन के ग्लूसेस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड एयरबेस की घटना में ईरान की भूमिका की बात सामने आई है। अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पर कार्रवाई के बारे में सोचेंगे।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कार्रवाई करने की धमकी दी

  • ब्रिटेन के ग्लूसेस्टरशायर में आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस की घटना पर बयान

  • ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ कार्रवाई पर विचार करेगा

America Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर ईरान पर कार्रवाई करने की धमकी दी। उन्होंने ब्रिटेन और उसके सहयोगियों द्वारा तेहरान को ग्लूसेस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर हुई एक घटना से जोड़ने के आरोपों के बाद यह बातें कही है। ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ और कार्रवाई करने पर विचार करेगा।

बता दें कि मिड-टर्म चुनाव प्रचार रैली के लिए ओहायो जाने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप से पूछा गया कि क्या पश्चिमी देशों द्वारा घटना में ईरान की भूमिका के आरोप लगाने के बाद उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि हम देखेंगे। उनके खिलाफ बहुत सी कार्रवाई हो रही है।

ईरान के पास नहीं है संसाधन

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब आप ईरान के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हैं, तो उनके पास न तो नौसेना है और न ही वायु सेना। अभी उनकी महंगाई दर 301 प्रतिशत है। ट्रंप की यह टिप्पणी तब आई जब सोमवार को ब्रिटेन सरकार और कई सहयोगी देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान द्वारा उनके और उनके सहयोगियों के खिलाफ की जा रही शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की निंदा की। ब्रिटेन सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित इस संयुक्त बयान में, 27 सितंबर को RAF फेयरफोर्ड में हुई घटना में ईरान की भूमिका के बारे में ब्रिटेन के दावे को मान्यता दी गई।

ब्रिटेन और सहयोगी देशों का संयुक्त बयान

बयान में कहा कि हम 27 सितंबर को RAF फेयरफोर्ड में हुई घटना में ईरान की भूमिका के बारे में यूनाइटेड किंगडम के दावे को मानते हैं। इसमें आगे कहा गया कि UK ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस घटना से पता चलता है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स गुप्त नेटवर्क और प्रॉक्सी एजेंटों के जरिए अपनी सीमाओं के बाहर भी दुश्मन जैसी गतिविधियां करने के लिए लगातार तैयार रहता है।

ईरान पर लग रहा है आरोप

समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान की हरकतों की निंदा की। दरअसल, बयान में कहा गया कि हमारे और हमारे सहयोगियों के खिलाफ हिंसक हमले में जानलेवा साजिशें, आगजनी, तोड़-फोड़, साइबर-हमले और अन्य हाइब्रिड गतिविधियां शामिल हैं। बयान में आगे कहा गया कि ये देश ईरान या अन्य देशों की ओर से की गई शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने, जांच करने, उन्हें रोकने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दरअसल पिछले महीने ही ब्रिटेन के दक्षिण-पश्चिम में ग्लूस्टरशायर शहर में स्थित RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी घटना की खबर आई थी। पुलिस ने यहां विस्फोटक संबंधी अपराधों के शक में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। साथ ही एयरबेस को हाई अलर्ट पर रखा गया था।

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