अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप , फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

गाजा के लिए US का मास्टरप्लान, 'बोर्ड ऑफ पीस' का हुआ गठन; ट्रंप ने बनाई 7 दिग्गजों की शक्तिशाली टीम

Gaza Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण और शासन के लिए सात सदस्यीय 'बोर्ड ऑफ पीस' नियुक्त किया है। इसमें टोनी ब्लेयर और मार्को रुबियो जैसे दिग्गज शामिल हैं।

अमन उपाध्याय

Donald Trump Gaza Peace Plan News In Hindi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए अपनी 'फेज-2' योजना का अनावरण किया है। इस योजना के केंद्र में एक नवनिर्मित संस्था है जिसे 'बोर्ड ऑफ पीस' का नाम दिया गया है।

ट्रंप ने इस बोर्ड को अब तक का सबसे महान और प्रतिष्ठित बोर्ड करार दिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, सात सदस्यों वाले इस कार्यकारी बोर्ड की कमान स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप के हाथों में होगी।

दिग्गज चेहरों को मिली बोर्ड में जगह

इस बोर्ड में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद व लंबे समय तक सलाहकार रहे जेरेड कुशनर जैसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं। इसके अलावा, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को भी बोर्ड में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। प्रत्येक सदस्य को एक विशिष्ट पोर्टफोलियो सौंपा गया है जो गाजा के शासन निर्माण, क्षेत्रीय संबंधों, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षण और बड़े पैमाने पर फंडिंग की देखरेख करेगा।

सुरक्षा और प्रशासन का ढांचा

गाजा में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ट्रंप ने अमेरिकी विशेष बलों के पूर्व प्रमुख मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स को अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया है। इसके साथ ही, गाजा के दैनिक मामलों को चलाने के लिए 15 सदस्यीय फिलिस्तीनी तकनीकी समिति का गठन किया गया है। इस समिति का नेतृत्व गाजा निवासी और पूर्व उप-मंत्री डॉ. अली शाअथ करेंगे, जिन्हें उनके प्रशासनिक अनुभव और व्यावहारिक नेतृत्व के लिए जाना जाता है।

टोनी ब्लेयर की नियुक्ति पर विवाद

बोर्ड में टोनी ब्लेयर की शामिल होने को लेकर मध्य पूर्व में विवाद की स्थिति बन सकती है। 2003 में इराक पर हुए अमेरिकी आक्रमण में उनकी भूमिका के कारण वे क्षेत्र में एक विभाजित व्यक्तित्व रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने उन्हें एक स्वीकार्य विकल्प बताया है लेकिन अतीत में उन पर इजरायल के बहुत करीब होने के आरोप लगते रहे हैं जिसके कारण उन्हें 2015 में एक अंतरराष्ट्रीय शांति दूत के पद से हटना पड़ा था।

शांति प्रक्रिया में मौजूद चुनौतियां

अमेरिकी समर्थित यह शांति योजना 10 अक्टूबर को शुरू हुई थी जिसके पहले चरण में हमास द्वारा बंधकों की रिहाई और लड़ाई को रोका गया था। वर्तमान में योजना का दूसरा चरण चल रहा है लेकिन अब भी गाजा में मानवीय सहायता की कमी और छिटपुट हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं।

इजरायल ने युद्ध के बाद भी गाजा के कुछ हिस्सों में उन घरों और इमारतों को ध्वस्त किया है जो युद्ध में बच गए थे। इसके अलावा, हमास द्वारा पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग को अभी तक सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है, जो शांति समझौते के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

Diwali Trains: मुंबई-नागपुर के बीच 12 और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, 4 नवंबर से शुरू होगी बुकिंग; जानिए शेड्यूल

राहुल ने PM मोदी को दी खुली चुनौती: बोले- डरिए मत, मंच पर आमने-सामने बैठिए; राजनाथ-समेत 4 नेताओं से की अपील

SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब तो भी भर सकेंगे फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत

दिवाली-छठ पर यूपी-बिहार वालों को ट्रेनों में मिल सकता है कन्फर्म टिकट, रेलवे चला रहा करीब 2,000 स्पेशल ट्रेनें