उधर अमेरिका पहुंची शांति वार्ता की टीम... इधर रूसी हमलों में यूक्रेन का पावर ग्रिड तबाह, कई शहरों में हाहाकार

Kyrylo Budanov US Visit: यूक्रेन का एक प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के लिए अमेरिका पहुंचा है। दूसरी ओर, रूस ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर भीषण हमले कर लाखों लोगों को कड़ाके की ठंड में छोड़ दिया है।
Meanwhile, the peace talks team arrived in the US... and back in Ukraine, the power grid was destroyed in a Russian attack, causing chaos in several cities.
रूस-यूक्रेन जंग, कॉन्सेप्ट फोटो
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Ukraine Russia War Peace Talks: करीब चार साल से चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ किरिलो बुदानोव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा।

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के नेतृत्व में शुरू की गई कूटनीतिक कोशिशों के जरिए युद्ध विराम और शांति समझौते के विवरणों पर चर्चा करना है।

शांति वार्ता दल में कौन हैं शामिल?

इस वार्ता दल में यूक्रेन के वार्ताकार रुस्तम उमेरोव और डेविड अराखामिया भी शामिल हैं। यह टीम अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और अमेरिकी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल से मुलाकात करेगी। जेलेंस्की के अनुसार, इस वार्ता का उद्देश्य युद्ध के बाद की सुरक्षा गारंटी और आर्थिक सुधार से जुड़े दस्तावेजों को अंतिम रूप देना है। यदि अमेरिकी अधिकारी इन प्रस्तावों को मंजूरी देते हैं तो स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अगले सप्ताह इन पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के भी दावोस में मौजूद रहने की योजना है।

रूस का 'विंटर वेपन' और ऊर्जा संकट

एक तरफ जहां शांति की बातचीत चल रही है वहीं दूसरी तरफ रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। शनिवार तड़के रूस ने कीव और ओडेसा क्षेत्रों में पावर ग्रिड को निशाना बनाया जिससे कड़ाके की ठंड के बीच कई बस्तियां बिना बिजली और हीटिंग के रह गईं। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस की रणनीति सर्दियों को हथियार बनाना है ताकि लोगों के प्रतिरोध करने के संकल्प को कमजोर किया जा सके।

शून्य से नीचे तापमान और आपातकालीन उपाय

यूक्रेन में रात का तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहल ने बताया कि पिछले एक साल में रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर 612 हमले किए हैं। इस संकट से निपटने के लिए यूक्रेन ने आपातकालीन उपाय लागू किए हैं जिसमें कर्फ्यू में ढील देना शामिल है ताकि लोग रात में भी सार्वजनिक हीटिंग केंद्रों तक पहुंच सकें।

अस्पतालों और स्कूलों जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को बिजली आपूर्ति के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, सरकारी कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी खपत का कम से कम 50% हिस्सा कवर करने के लिए तत्काल विदेशी बिजली का आयात करें।

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