Thailand Martial Law: थाईलैंड ने शुक्रवार को कंबोडिया की सीमा से सटे आठ जिलों में मार्शल लॉ लागू कर दिया है। दोनों देशों के बीच जारी गोलाबारी के कारण यह कदम उठाया गया है। थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष जल्द ही एक पूर्ण युद्ध में बदल सकता है। गुरुवार से शुरू हुए संघर्ष में अब तक 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
विवादित प्रीह विहार मंदिर क्षेत्र के पास तनाव बढ़ गया है, जो लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का कारण रहा है। एक मामूली सैन्य गतिरोध से शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक व्यापक रूप ले चुका है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई है और अस्थिर सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किए गए हैं।
थाईलैंड सरकार ने शुक्रवार को आपातकाल की घोषणा की, जिसके तहत सिसाकेट और उबोन रत्चथानी जैसे प्रांतों में कर्फ्यू, सड़क अवरोध और सैन्य उपस्थिति में वृद्धि की गई। यह फैसला आगे की हिंसा को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देशय से लिए गया है, थाईलैंड पहले उच्च जोखिम वाले इलाकों से अपने एक लाख से अधिक नागरिकों को निकाला जा चुका है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने छोटे हथियारों और तोपखाने का इस्तेमाल किया, जिससे सीमा से लगे कई गाँवों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, हताहतों की संख्या पर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनौपचारिक रिपोर्टों में थाई और कंबोडियाई सैनिकों के घायल होने का संकेत दिया गया है। स्थिति ज़मीनी स्तर पर बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों पक्षों की सैन्य इकाइयाँ हाई अलर्ट पर हैं।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए अपने नागरिकों को प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों की यात्रा से बचने और वहां से गुजरने से परहेज करने को कहा गया है। साथ ही, स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। वहीं, कंबोडिया ने भी अपनी सीमा पर सुरक्षा को बढ़ा दिया है और थाईलैंड पर आक्रामक रुख अपनाने का आरोप लगाया है, जबकि थाईलैंड का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में यह कदम उठाया।