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अरब सागर में टेंशन बढ़ी, अमेरिकन नेवी ने एयरक्राफ्ट कैरियर के पास आ रहे ईरानी ड्रोन को किया ढेर

US-Iran War: अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर बढ़ रहे ईरानी शहीद-139 ड्रोन को मार गिराया, घटना अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता से पहले तनाव के बीच हुई।

अक्षय साहू

US Military Shoots down Iranian Drone: अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में अपने एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ड्रोन को अमेरिकी युद्धपोत के लिए संभावित खतरा माना गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई। इस घटना से बाद से अरब सागर में तनाव की स्थिती उत्पन्न हो गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह ईरानी ड्रोन शहीद-139 था, जिसे अमेरिकी F-35 फाइटर जेट ने हवा में निशाना बनाकर गिराया। इस घटना पर ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब इसी हफ्ते तुर्की में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत शुरू होने वाली है।

ईरानी सीमा पर बढ़ी अमेरिकी सैन्य गतिविधियां

इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की हथियारबंद नावों ने एक अमेरिकी ऑयल टैंकर को रोकने की कोशिश की थी। हालांकि टैंकर ने अपनी गति बढ़ा दी और बाद में उसे अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा दी गई। पिछले एक महीने में अमेरिका ने ईरान के आसपास सैन्य तैनाती में तेजी से इजाफा किया है। दर्जनों लड़ाकू विमान और करीब एक दर्जन युद्धपोत इस क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन, तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर के साथ, 26 जनवरी को यूएस सेंट्रल कमांड के ऑपरेशन क्षेत्र में दाखिल हुआ था और फिलहाल अरब सागर में तैनात है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों और सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार, अमेरिका ने इस इलाके में करीब आठ युद्धपोत तैनात कर रखे हैं, जिनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मौजूद डिस्ट्रॉयर भी शामिल हैं।

खामेनेई की चेतावनी से बढ़ा तनाव

इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार (1 फरवरी 2026) को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो पूरा क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ सकता है। उन्होंने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका और इज़रायल समर्थित तख्तापलट करार दिया।

खामेनेई ने कहा कि ईरानी जनता किसी भी धमकी से डरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी देश पर पहले हमला नहीं करेगा, लेकिन यदि उस पर आक्रमण हुआ तो उसका कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

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