बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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सांसदों ने त्यागा VIP कल्चर, बांग्लादेश में बीएनपी का बड़ा फैसला; नहीं लेंगे फ्री गाड़ियां और सरकारी प्लॉट

BNP MPs Reject VIP Perks: बांग्लादेश में सत्ता संभालते ही तारिक की पार्टी BNP ने बड़ा फैसला लिया है। सांसदों ने ड्यूटी-फ्री लग्जरी गाड़ियां और सरकारी जमीन लेने से इनकार कर वीआईपी कल्चर पर चोट की है।

अमन उपाध्याय

Bangladesh News Hindi: बांग्लादेश की राजनीति में दो दशक (20 साल) बाद सत्ता में वापसी करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सरकार गठन के साथ ही एक बेहद कड़ा और सकारात्मक संदेश दिया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में हुई संसदीय दल की बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों ने सामूहिक रूप से फैसला किया है कि वे सरकार द्वारा दी जाने वाली ड्यूटी-फ्री गाड़ियां और सरकारी प्लॉट स्वीकार नहीं करेंगे।

वीआईपी सुविधाओं पर वार

बीएनपी की मीडिया सेल के सदस्य शायरुल कबीर खान के अनुसार, यह ऐतिहासिक निर्णय मंगलवार को आयोजित संसदीय दल की बैठक के दौरान लिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच मंत्रियों और सांसदों के लिए 45 नई सरकारी गाड़ियां पहले ही तैयार की जा चुकी थीं। सांसदों के इस फैसले को देश में भ्रष्टाचार और वीआईपी संस्कृति के खिलाफ एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

समाप्त हुआ 18 महिने का शासन

मंगलवार को ढाका में जतिया संसद के ‘साउथ प्लाजा’ में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 60 वर्षीय तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। 17 वर्षों तक लंदन में निर्वासन में रहने के बाद तारिक रहमान हाल ही में देश लौटे थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। उनके शपथ लेते ही नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली 18 महीने की अंतरिम सरकार का शासन भी समाप्त हो गया है।

प्रचंड बहुमत से जीते चुनाव

हाल ही में संपन्न हुए 13वें संसदीय चुनावों में बीएनपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 297 में से 209 सीटें जीती हैं। वहीं, उनकी सहयोगी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही शेख हसीना की अवामी लीग के पतन के बाद देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।

समावेशी मंत्रिमंडल

तारिक रहमान ने अपने मंत्रिमंडल में समावेशिता का परिचय दिया है। राष्ट्रपति ने उनके साथ 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी शपथ दिलाई। इस नए मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक समुदायों का विशेष ध्यान रखा गया है जिसमें हिंदू समुदाय से निताई रॉय चौधरी और बौद्ध समुदाय से दीपेन दीवान को मंत्री बनाया गया है। समारोह में भारत और पाकिस्तान सहित पड़ोसी देशों के कई प्रमुख नेता भी उपस्थित रहे।

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