बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Sheikh Hasina Extradition: शेख हसीना प्रत्यर्पण पर बांग्लादेश की विदेश मंत्री का बड़ा बयान

Sheikh Hasina Extradition: बांग्लादेश की विदेश मंत्री शमा ओबैद ने कहा है कि पूर्व पीएम शेख हसीना को भारत से वापस लाने की हर संभव कोशिश हो रही है। उन पर दर्ज मुकदमों की कड़ी तैयारी जारी है।

प्रिया सिंह

Sheikh Hasina Extradition Request: बांग्लादेश में हुए भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसक आंदोलन के बाद सत्ता से बाहर हुईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना इस वक्त भारत में शरण लिए हुए हैं। उनके खिलाफ देश में कई बड़े आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं और सरकार इनकी कड़ी जांच कर रही है। अब बांग्लादेश की विदेश राज्यमंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने उनके प्रत्यर्पण और वापसी को लेकर एक बहुत ही बड़ा और अहम बयान दिया है। सरकार उन्हें भारत से वापस लाकर सभी पुराने मुकदमों का कड़ाई से सामना करवाने की अपनी पूरी कोशिश में लगातार जुटी हुई है।

ढाका में पत्रकारों और मीडिया से बात करते हुए मंत्री शमा ओबैद ने यह पूरी तरह स्पष्ट किया कि कूटनीतिक स्तर पर इन अहम प्रयासों में कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि यह कानूनी प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई थी जिसे अब मौजूदा सरकार बहुत तेजी से और आगे बढ़ा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की ऐसी जटिल कानूनी प्रक्रियाओं में अक्सर काफी लंबा समय लग जाता है और इसमें धैर्य की जरूरत होती है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत दोनों देशों की प्रत्यर्पण संधि और नियमों का पूरी तरह से सख्ती से पालन किया जा रहा है।

प्रत्यर्पण में कानूनी और कूटनीतिक पेंच

शमा ओबैद इस्लाम ने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि किसी भी दोषी को वापस लाने की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय नियमों और स्थापित मानकों से ही होती है। प्रत्यर्पण के दौरान आने वाली कानूनी अड़चनों और पड़ोसी देश भारत के रुख पर उन्होंने सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से पूरी तरह परहेज किया। उनका मुख्य फोकस सिर्फ अपनी कानूनी और कूटनीतिक तैयारियों पर रहा और वे अन्य किसी विवाद में नहीं पड़ीं। दोनों देशों के बीच इन जटिल कानूनी पेंचों को सही तरीके से सुलझाकर ही किसी अंतिम और ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।

शेख हसीना के पुराने बयान पर प्रतिक्रिया

हाल ही में पूर्व पीएम शेख हसीना ने खुद पर लगे सभी गंभीर आरोपों को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और झूठा करार दिया था। अपनी सरकार गिरने की दूसरी वर्षगांठ के खास मौके पर उन्होंने यह भी कहा था कि उन पर हो रही यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह गलत है। इस पर विदेश राज्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक दोषी करार दिए गए फरार व्यक्ति की बातों का कोई कानूनी महत्व नहीं होता है। एक अपराधी और भगोड़े व्यक्ति की इन आधारहीन टिप्पणियों का चल रही मजबूत कानूनी प्रक्रिया पर कोई भी नकारात्मक असर बिल्कुल नहीं पड़ेगा।

5 अगस्त 2024 को छोड़नी पड़ी थी कुर्सी

आपको बता दें कि 5 अगस्त 2024 को छात्रों के एक बहुत ही भारी और हिंसक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के कारण शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा देना पड़ा था। उग्र और प्रदर्शनकारी छात्र बहुत ज्यादा गुस्से में थे और वे उनके सुरक्षित माने जाने वाले सरकारी आवास में भी जबरन दीवार फांदकर घुस गए थे। इसके तुरंत बाद स्थिति बिगड़ती देख वह बांग्लादेश वायु सेना के एक विशेष विमान से भारत आ गईं और तब से सुरक्षित यहीं रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार अब उनके खिलाफ अपनी कानूनी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

भारत के रुख और समीक्षा का महत्व

भारत सरकार ने भी इस बेहद संवेदनशील और बड़े कूटनीतिक मुद्दे पर अपना आधिकारिक और स्पष्ट रुख पहले ही पूरी तरह से साफ कर दिया है। भारतीय शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि वे इस प्रत्यर्पण के विशेष अनुरोध की अपनी आंतरिक और न्यायिक कानूनी प्रक्रिया के तहत बहुत गहन समीक्षा कर रहे हैं।

भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए भी यह एक बहुत ही जटिल कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय कानूनी विषय बना हुआ है। इसलिए इस पूरे संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी में कोई भी बड़ा या एकतरफा फैसला आसानी से नहीं लिया जा सकता है।

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