Saudi Airstrikes Sanaa Houthi Conflict: यमन की राजधानी सना में शनिवार देर रात सऊदी अरब के भीषण हवाई हमलों से हड़कंप मच गया। हूती समूह के कब्जे वाली राजधानी में देर रात हुए कई जोरदार धमाकों से पूरा शहर कांप उठा।
स्थानीय निवासियों अनुसार आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाजें गूंज रही थीं और धमाकों से इमारतें हिलने लगी थीं। हूती के अल-मसीरा टीवी ने पुष्टि की है कि सऊदी गठबंधन ने शहर पर फिर हवाई हमले किए।
यह कार्रवाई हूती द्वारा रियाद में अरामको फैसिलिटी पर मिसाइल व ड्रोन हमले के दावे के बाद हुई। सना में हुए इन नए हवाई हमलों से हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन का टकराव और बढ़ गया है।
सना के निवासी ने सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई दे रही थी। शहर में हुए तेज धमाकों से इमारतों की खिड़कियां हिलने लगीं और दीवारों में तेज कंपन महसूस हुआ।
धमाके इतने भीषण थे कि ऐसा महसूस हुआ जैसे जमीन के नीचे अचानक तेज भूकंप आ गया हो। खिड़कियां कांपने की वजह से छोटे बच्चे डरकर जाग गए और घरों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों अनुसार इन हवाई हमलों में हूती समूह के ठिकानों को ही निशाना बनाया गया।
फिलहाल इस भीषण हमले में किसी नागरिक के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। हमलों के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दल स्थिति का जायजा लेने में जुट गए। पूरे सना शहर में हवाई हमलों के बाद भारी तनाव और दहशत बनी हुई है।
इससे पूर्व शनिवार को हूती समूह ने दावा किया कि उसने रियाद में अरामको फैसिलिटी पर हमला किया। हूती लड़ाकों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से अरामको के ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया।
हूती अनुसार यह कार्रवाई यमन पर सऊदी अरब के तेज हुए हमलों के जवाब में की गई थी। रियाद पर हमले के दावे के बाद सऊदी गठबंधन ने सना में जवाबी हवाई हमले किए। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी अनुसार हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने बड़ा बयान दिया।
याह्या सारेया ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में यमन पर 60 हवाई और मिसाइल हमले हुए हैं। इन हमलों से कई इलाकों में हूती ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। दोनों पक्षों के हमलों से सीमा पार सैन्य तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
हूती व सऊदी अरब का तनाव तब बढ़ा जब हूती ने 20 जुलाई को समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया। सऊदी अरब के खिलाफ नाकेबंदी के बाद मिसाइल, ड्रोन व हवाई हमलों में काफी तेजी आई।
सितंबर में हूती और सऊदी समर्थित यमन सेना के बीच लड़ाई तेज होने से टकराव बढ़ा। यमन की सरकारी सेना को बड़े पैमाने पर सऊदी गठबंधन का समर्थन हासिल है। हूती ने 10 सितंबर को लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया।
इसके अगले दिन 11 सितंबर को हूती ने रणनीतिक रूप से अहम मय्यून द्वीप पर कब्जा किया। यमन संघर्ष की शुरुआत 2014 के आखिर में सना पर हूती कब्जे के बाद हुई थी। मार्च 2015 में सऊदी गठबंधन ने यमन सरकार के पक्ष में सैन्य कार्रवाई शुरू की।