शेख हसीना की सजा पर बेटे की प्रतिक्रिया (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

'पूरा खेल जमात और...,' Sheikh Hasina को मिली सजा-ए-मौत, तो फूटा बेटे का गुस्सा, कही ये बड़ी बात

Sheikh Hasina Verdict: शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने बांग्लादेश की अदालत के फैसले को राजनीतिक साजिश बताया, कहा यह नकली ट्रायल है, बदले की कार्रवाई है, और जनता से लोकतंत्र बचाने की अपील की।

अक्षय साहू

Sheikh Hasina Sentenced to Death: बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कथित मानवाधिकार उल्लंघन और गोलीबारी के मामलों में अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई। फैसले के कुछ घंटे बाद ही शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद अपनी मां के बचाव में सामने आए और मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने देश की अंतरिम सरकार कट्टरपंथियों पर जमकर हमला बोला।

मीडिया से बातचीत में सजीब वाजेद ने शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के फैसले को कानूनी ढोंग बताते हुए कहा कि यह कोई ट्रायल नहीं, बल्कि तीन महीने में रचा गया नकली तमाशा है। सजीब वाजेद ने कहा कि मौजूदा अवैध सरकार ने पहले दिन से ही फैसला तय कर रखा था और हसीना को अपना वकील रखने तक की अनुमति नहीं दी गई।

जमात और कट्टरपंथियों पर हमला

उनके अनुसार, न्याय का नहीं बल्कि बदले की राजनीति का खेल खेला गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मां भारत में सुरक्षित हैं और सजा को एक मजाक कहकर खारिज किया। अपने बयान में सजीब ने जमात और इस्लामी कट्टरपंथियों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह पूरा खेल जमात और कट्टरपंथियों की पुरानी दुश्मनी का परिणाम है। उनके मुताबिक, यह फैसला बांग्लादेश के भविष्य की दिशा तय करेगा क्या देश प्रगतिशील राह पर बढ़ेगा या कट्टरपंथी शासन की ओर लौटेगा। सजीब ने बताया कि वे अपनी मां से बात नहीं कर पाए हैं क्योंकि देश अभूतपूर्व अव्यवस्था में है। उन्होंने उस ऑडियो लीकेज को फर्जी बताते हुए कहा कि शेख हसीना ने केवल दंगाइयों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि आईजीपी को सरकारी गवाह बनने के लिए दबाव में झूठा बयान देना पड़ा।

हमारी आखिरी उम्मीद जनता: सजीब

अपने बयान के अंत में सजीब ने जनता से अपील की कि वे लोकतंत्र के बचाव में खड़े हों। उन्होंने कहा, हमारी आखिरी उम्मीद जनता है। मैं उनका आभारी हूं। हम अपनी पार्टी, अपने देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ेंगे और कभी पीछे नहीं हटेंगे

इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को पिछले वर्ष हुए सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर गोली चलाने और आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है।

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