माले: भारत और मालदीव के बीच के रिश्ते में कुछ समय से खटास आ गई है। कारण की बात करें तो मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का भारत को लेकर उखरा व्यवहार है। इसी खटास को कम करने के लिए दोनों देश लगातार प्रयास कर रहे है, इसी बात को मद्देनजर रखते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अभी मालदीव के दौरे पर है, जहां उन्होने मालदीव के रक्षा मंत्री से मुलाकात की और समुद्री सुरक्षा के लिए संयुक्त पहल पर चर्चा की। ।
विदेश मंत्री एस जयंशकर 9 से 11 अगस्त तक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मालदीव में हैं। जहां उन्होने शुक्रवार को मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून से मुलाकात की और रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा के लिए संयुक्त पहल पर चर्चा की।
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मुलाकात के बाद सोशल मीडिया एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत-मालदीव रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा के लिए संयुक्त पहल और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने में हमारे साझा हितों पर चर्चा हुई। जानकारी के लिए बता दें कि जयशंकर 9 से 11 अगस्त तक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मालदीव में हैं। वे शुक्रवार को माले पहुंचे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने के लिए रास्ते तलाशना है।
एस जयशंकर के मालदीव दौरे को लेकर मूसा ज़मीर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे सार्थक चर्चाओं की आशा करते हैं। इसके साथ ही उन्होने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत के विदेश मंत्री महामहिम एस जयशंकर का मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर स्वागत करते हुए प्रसन्नता हो रही है। मालदीव और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए सार्थक चर्चाओं की प्रतीक्षा है।
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