जयशंकर मैक्रों मीटिंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

पेरिस में जयशंकर-मैक्रों की मुलाकात, PM मोदी का खास संदेश लेकर फ्रांस पहुंचे विदेश मंत्री; जानें क्या हुई बात

Jaishankar Macron Meeting: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पेरिस में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात कर PM मोदी का संदेश साझा किया। इसके अलावा, पश्चिम एशिया संकट के बीच IMEC कॉरिडोर पर विशेष चर्चा हुई।

अमन उपाध्याय

S Jaishankar France Visit: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति मैक्रों को हार्दिक शुभकामनाएं और अभिवादन प्रेषित किया। जयशंकर ने इस मुलाकात को एक 'सम्मान'  बताया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया कि वे राष्ट्रपति मैक्रों के साथ हुई चर्चाओं और उनके दृष्टिकोण को महत्व देते हैं। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते जा रहे द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।

रणनीतिक साझेदारी को मिली नई गति

यह बैठक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 17-19 फरवरी की भारत यात्रा के ठीक एक महीने बाद आयोजित हुई है। मैक्रों की उस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करना था। तकनीकी सहयोग और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने 'भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026' की घोषणा की है। इसी सिलसिले में मैक्रों ने मुंबई में पीएम मोदी से मुलाकात की थी और नई दिल्ली में 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में भी हिस्सा लिया था जो भविष्य की तकनीक में दोनों देशों की साझा रुचि को दर्शाता है।

सांस्कृतिक कूटनीति

अपनी पेरिस यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर ने नवनिर्मित 'स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर' का भी दौरा किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र पेरिस में भारतीय कला और संस्कृति के प्रति बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) द्वारा प्रबंधित इस केंद्र में भारतीय कला के शानदार नमूनों का प्रदर्शन किया गया है जिसमें हाथी और मोर के साथ 'ट्री-ऑफ-लाइफ' म्यूरल और बारीक मिनिएचर पेंटिंग्स शामिल हैं जो भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती हैं। यह केंद्र प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है।

भू-राजनीतिक तनाव

विदेश मंत्री जयशंकर 27 मार्च को फ्रांस में आयोजित जी7 (G7) विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इस महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक अस्थिरता, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच 'इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर' (IMEC) की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक कनेक्टिविटी और सुरक्षित सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए यह कॉरिडोर आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। जयशंकर के अनुसार, पश्चिम एशिया का संघर्ष यह साबित करता है कि दुनिया को व्यापार के लिए अधिक मजबूत और सुरक्षित रास्तों की आवश्यकता है जिसमें भारत और फ्रांस की साझेदारी अहम भूमिका निभा सकती है।

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