व्लादिमीर पुतिन, मोहसेन रेजाई (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

मॉस्को में ईरान के सुरक्षा प्रमुख से मिले पुतिन, रूस ने तुरंत नागरिकों को तेहरान जाने से रोका, हलचल तेज

Putin-Mohsen Rezaei Meeting: पुतिन ने मॉस्को में ईरानी सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई से मुलाकात की। वहीं रूस ने नागरिकों को ईरान न जाने की सलाह दी, जेलेंस्की ने दुनिया से समर्थन मांगा।

अक्षय साहू

Highlights:

  • पुतिन ने मॉस्को में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव से मुलाकात की

  • रूस ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह जारी की

  • जेलेंस्की ने यूक्रेन की सुरक्षा और ऊर्जा ढांचे के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांगा

Vladimir Putin Iran Meeting: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई के साथ अहम बैठक की। इस बीच रूस ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान के विदेश मंत्री ने सात देशों के अपने समकक्षों से फोन पर बातचीत की थी। 

जानकारी के मुताबिक,  इन वार्ताओं के बाद रूस की ओर से अपने नागरिकों को ईरान न जाने की सलाह जारी की गई है। पुतिन और रेजाई की मुलाकात को लेकर क्रेमलिन ने भी आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान के मुताबिक, इस बैठक में रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के प्रमुख इगोर कोस्त्युकोव भी मौजूद रहे।

तीन दिन पहले फोन पर हुई थी बातचीत

मॉस्को और तेहरान के बीच उच्चस्तरीय संपर्कों में तेजी ऐसे वक्त देखने को मिल रही है, जब दोनों देश सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। क्रेमलिन में हुई ताजा बैठक से तीन दिन पहले, यानी 2 नवंबर को भी व्लादिमीर पुतिन और रेजाई के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया था।

जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांगा समर्थन

दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 30वें इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन के एक सत्र में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन के समर्थन को और मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से किए जा रहे अपराधों पर दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को एयर डिफेंस सिस्टम के अलावा ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को दोबारा बहाल करने के लिए जरूरी उपकरणों की तत्काल आवश्यकता है।

दूसरों को ऐसा करने से कौन रोकेगा?: जेलेंस्की

अपने संबोधन में जेलेंस्की ने रूस की कार्रवाई को लेकर चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर पुतिन यूक्रेन की जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा करने और देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने में सफल हो जाते हैं और बाद में इन कार्रवाइयों को कानूनी रूप देने में कामयाब रहते हैं, तो इससे पूरी दुनिया की सीमा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि रूस कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों को अपना हिस्सा मानने के लिए दुनिया पर दबाव बना रहा है। अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे स्वीकार कर लिया, तो दुनियाभर में सीमाओं से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था कमजोर पड़ जाएगी। जेलेंस्की ने सवाल उठाते हुए कहा, जरा सोचिए, अगर रूस के लिए ऐसा करना संभव हो जाता है, तो दूसरों को ऐसा करने से कौन रोकेगा? हम ऐसा नहीं होने दे सकते।

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