ख्वाजा आसिफ, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

PoK में 14 मौतों के बीच पाक रक्षा मंत्री का विवादित बयान, प्रदर्शनकारियों को बताया भारत जैसा दुश्मन

PoK Protest: पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने PoK प्रदर्शनकारियों की तुलना भारत से करते हुए उन्हें 'दुश्मन' बताया है। सुरक्षा बलों की फायरिंग में 14 लोगों की मौत के बाद घाटी में तनाव चरम पर है।

अमन उपाध्याय

PoK Protest Khawaja Asif Statement: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात और जारी हिंसा के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बेहद विवादित बयान देकर आग में घी डालने का काम किया है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 14 एक्टिविस्टों की मौत के बाद आसिफ ने प्रदर्शनकारियों की तुलना भारत से करते हुए उन्हें देश का दुश्मन करार दिया है।

भारत की तरह दुश्मन हैं प्रदर्शनकारी

एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पीओके की सड़कों पर उतरे लोगों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'मैं इन प्रदर्शनकारियों को भारत की श्रेणी में रखता हूं और उन्हें भी भारत की तरह ही दुश्मन मानता हूं।'

आसिफ ने प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनके इस बयान ने पीओके में पहले से ही आक्रोशित जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।

मुजफ्फराबाद मार्च के दौरान भारी हिंसा

यह विवाद उस समय बढ़ा जब प्रतिबंधित ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में करीब 5,000 लोग रावलकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पीओके विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म किया जाए।

JAAC का मानना है कि ये सीटें इस्लामाबाद को क्षेत्रीय राजनीति में अनावश्यक दखल देने का मौका देती हैं। इसी मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें 14 कार्यकर्ताओं की जान चली गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

PoK में आर-पार की जंग

मृतकों में JAAC के संस्थापक सदस्य उमर नजीर के भाई उस्मान नजीर भी शामिल हैं। संगठन का आरोप है कि पाक सेना और पुलिस ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने ही सुरक्षा बलों को निशाना बनाया, जिसके बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

पीओके में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर भारत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में हो रहे विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण और प्रशासनिक दमन का नतीजा हैं। भारत ने पाकिस्तान द्वारा कराए जा रहे चुनावों को 'दिखावटी कवायद' बताते हुए दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं।

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