PM Modi, Putin And Xi Jinping Bond At BRICS Summit In Delhi: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच खास केमिस्ट्री देखने को मिली। तीनों नेताओं ने हाथ थामकर तस्वीरें खिंचवाईं, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गईं।
18वें ब्रिक्स समिट के दौरान भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान तीनों नेताओं के बीच खास तालमेल नजर आया।
पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग एक साथ हाथ पकड़े और मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। इस खास पल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने X अकाउंट पर सम्मेलन की तस्वीरें शेयर कीं।
पीएम मोदी ने बताया कि नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स समिट शुरू हो चुका है। सम्मेलन में ब्रिक्स मेंबर देशों, पार्टनर राष्ट्रों और इनवाइटेड देशों के नेता एक साथ ग्लोबल पीस, स्टेबिलिटी और डेवलपमेंट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
भारत मंडपम में सामने आए इस दृश्य ने 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन यानी SCO समिट की याद भी ताजा कर दी।
बिश्केक में आयोजित फैमिली फोटो सेशन के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आए थे। उस दौरान तीनों नेताओं के बीच हाथ मिलाने का दृश्य चर्चा में रहा था।
इससे पहले 2025 में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में आयोजित SCO प्लस समिट के दौरान भी मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात ने ध्यान खींचा था। उस सम्मेलन में पीएम मोदी का पुतिन को गले लगाना और दोनों नेताओं के साथ शी जिनपिंग की मौजूदगी की तस्वीरें ग्लोबल मीडिया में चर्चा का विषय बनी थीं।
18वें ब्रिक्स समिट में भारत ने कई देशों के टॉप लीडर्स का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों के अलावा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी की भी अगवानी की।
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात की ओर से अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन में शामिल हुए।
12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में ब्रिक्स मेंबर देशों के साथ कई आउटरीच देशों के रिप्रेजेंटेटिव्स भी हिस्सा ले रहे हैं। भारत इस बार ब्रिक्स की चेयरमैनशिप कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत की ब्रिक्स चेयरमैनशिप का मुख्य विषय ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखा गया है।
यह थीम ग्लोबल लेवल पर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। भारत की चेयरमैनशिप में आयोजित सम्मेलन के जरिए ग्लोबल चैलेंजेज पर कोऑपरेशन बढ़ाने और डेवलपमेंट के लिए साझा प्रयासों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ की सोच भी इस अप्रोच का अहम हिस्सा है। ब्रिक्स समिट में दुनिया के प्रमुख देशों के नेताओं की मौजूदगी के बीच मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीरों ने डिप्लोमैटिक सौहार्द का एक खास दृश्य जरूर पेश किया।