BRICS Summit 2026: न्यूक्लियर डिक्लेरेशन जारी, मिडिल ईस्ट को परमाणु मुक्त बनाने और आतंक के खात्मे की अपील

BRICS Nuclear Declaration: भारत की अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में परमाणु अप्रसार व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया तथा पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई।
Adopting BRICS Nuclear Declaration
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स समिट में(सोर्स- IANS)
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Adopting BRICS Nuclear Declaration: भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स समिट के समापन पर साझा बयान जारी किया गया। इसमें न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन सिस्टम को मजबूत करने, डिसआर्मामेंट को बढ़ावा देने और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने पर जोर दिया गया। बयान में पहलगाम आतंकी हमले की भी निंदा की गई।

न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन और डिसआर्मामेंट पर जोर

दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स समिट के दौरान लीडर्स ने दुनिया में बढ़ते न्यूक्लियर रिस्क और कॉन्फ्लिक्ट की स्थिति पर चिंता जताई। साझा बयान में इंटरनेशनल पीस और सिक्योरिटी के लिए न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन सिस्टम की इंटीग्रिटी बनाए रखने को जरूरी बताया गया।

ब्रिक्स देशों ने डिसआर्मामेंट और आर्म्स कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके साथ ही दुनिया में मौजूद सभी न्यूक्लियर-वेपन-फ्री जोन्स के प्रति अपना सपोर्ट दोहराया गया।

लीडर्स ने न्यूक्लियर वेपन्स के इस्तेमाल या उनके इस्तेमाल की धमकी के खिलाफ सिक्योरिटी एश्योरेंस का समर्थन किया। साथ ही मिडिल ईस्ट को न्यूक्लियर-वेपन-फ्री जोन बनाने की दिशा में इंटरनेशनल एफर्ट्स को तेज करने पर बल दिया गया।

पहलगाम हमले की कड़ी निंदा

ब्रिक्स जॉइंट स्टेटमेंट में भारत के लिए महत्वपूर्ण 40वें और 41वें पॉइंट में आतंकवाद से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया। लीडर्स ने किसी भी रूप में होने वाली टेररिस्ट एक्टिविटीज की कड़ी निंदा की।

विशेष रूप से 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी पर जोर दिया।

साझा बयान में आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, टेरर फंडिंग और सेफ हेवन्स को खत्म करने की कमिटमेंट दोहराई गई। लीडर्स ने कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

आतंकवाद के खिलाफ कलेक्टिव एक्शन

ब्रिक्स लीडर्स ने टेररिस्ट एक्टिविटीज में शामिल लोगों को कानून के अनुसार सजा दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ डबल स्टैंडर्ड्स को खारिज करने की बात कही गई।

इस दौरान ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप यानी सीटीडब्ल्यूजी की एक्टिविटीज का भी स्वागत किया गया। लीडर्स ने इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑन काउंटरिंग टेररिज्म यानी सीसीआईटी को जल्द फाइनल रूप देकर अपनाने का आह्वान किया।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नॉमिनेटेड आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस एक्शन तथा युवाओं में रेडिकलाइजेशन रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

ब्रिक्स के तीन प्रमुख पिलर्स

ब्रिक्स के दो दशकों के एक्सपीरियंस के आधार पर एक्सपैंडेड ग्रुप में तीन प्रमुख पिलर्स के तहत कोऑपरेशन बढ़ाने की कमिटमेंट जताई गई। इनमें पॉलिटिकल एंड सिक्योरिटी, इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल तथा कल्चरल कोऑपरेशन शामिल हैं।

सम्मेलन की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” के तहत इन्क्लूसिव डेवलपमेंट और ग्लोबल कोऑपरेशन पर चर्चा हुई। लीडर्स ने सॉवरेन इक्वैलिटी, सॉलिडैरिटी, ओपननेस, इन्क्लूसिवनेस, म्यूचुअल रिस्पेक्ट और कंसेंसस के प्रिंसिपल्स के प्रति कमिटमेंट दोहराई।

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ब्रिक्स प्लस और ग्लोबल साउथ कोऑपरेशन

भारत की ओर से आयोजित आउटरीच और ब्रिक्स प्लस डायलॉग की भी सराहना की गई। इसे इमर्जिंग मार्केट्स और डेवलपिंग कंट्रीज के साथ कोऑपरेशन बढ़ाने का उपयोगी माध्यम बताया गया।

ब्रिक्स न्यूक्लियर डिक्लेरेशन में न्यूक्लियर सिक्योरिटी और डिसआर्मामेंट के साथ आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयासों पर जोर समूह के व्यापक सिक्योरिटी एजेंडे को दर्शाता है। साथ ही ब्रिक्स देशों ने मल्टीलेटरल कोऑपरेशन, ग्लोबल साउथ पार्टनरशिप और इंटरनेशनल पीस को मजबूत करने की कमिटमेंट दोहराई।

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