पैराग्वे के पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना सोर्स- सोशल मीडिया
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पैराग्वे में पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को नजरबंद किया, डिजिटल बैंक के डूबने से वित्तीय संकट

World News: पैराग्वे के पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पर कार्रवाई की गई है। शुक्रवार को महाभियोग की प्रक्रिया के बाद उन्हें नजरबंद किया गया। ‘उएनो’ बैंक के डूबने से कदम उठाया गया है।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • पैराग्वे के पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को नजरबंद कर दिया।

  • अधिकारियों ने शुक्रवार को सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाया था।

  • 'उएनो'  नामक डिजिटल बैंक के डूबने से पैदा हुए राजनीतिक और वित्तीय संकट के बीच उठाया गया है।

Paraguay Ex-President Under House Arrest: पैराग्वे के पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को नजरबंद कर दिया। अधिकारियों ने शुक्रवार को महाभियोग की प्रक्रिया के बाद यह कार्रवाई की। इससे कुछ समय पहले ही सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाकर पद से हटा दिया था। यह कदम ‘उएनो’ नामक डिजिटल बैंक के डूबने से पैदा हुए राजनीतिक और वित्तीय संकट के बीच उठाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि जब तक सरकारी अभियोजक कार्यालय उन पर लगाए जाने वाले अंतिम आरोपों को तय नहीं कर लेता, तब तक पेना नजरबंद रहेंगे। असुनसियोन में पेना के आवास के बाहर दर्जनों प्रदर्शनकारी जमा हो गए, जबकि पुलिस ने उनके घर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना रखा था।

उएनो बैंक का संकट क्या था?

उएनो बैंक पैराग्वे का एक बड़ा डिजिटल बैंक था, जिसके लगभग 29 लाख ग्राहक थे। देश की आबादी करीब 61 लाख है, यानी लगभग आधी आबादी इससे जुड़ी थी। केंद्रीय बैंक ने बैंक की सॉल्वेंसी (वित्तीय क्षमता) कमजोर पाए जाने पर इसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इससे लाखों लोगों के खाते फ्रीज हो गए और वे अपना पैसा नहीं निकाल पाए। इससे देश में बड़ा वित्तीय संकट खड़ा हो गया और लोगों में गुस्सा फैल गया।

महाभियोग क्यों चला?

सांसदों ने पेना पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी फंड्स को उएनो बैंक में डाला। राज्य पेंशन फंड ने भी बैंक में बड़े पैमाने पर पैसा जमा किया था। नियामकों ने जोखिम भरे लोन को नजरअंदाज किया। सीनेट ने सर्वसम्मति से (44 में से 44 वोट) उन्हें पद से हटा दिया। उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना को नया राष्ट्रपति शपथ दिलाई गई।

आगे की कार्रवाई

अभियोजकों ने पेना के खिलाफ विश्वासघात जैसे आरोपों में जांच शुरू की है। उन्हें घर में नजरबंद रखा गया है। पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख के खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है। पेना ने इन आरोपों से इनकार किया है। यह घटना पैराग्वे में पिछले कई सालों का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा है। जनता बैंक संकट से परेशान है और आगे की जांच पर नजर टिकी हुई है।

फ्रीज हुए खाते, बढ़ता गुस्सा

जब रेगुलेटर्स ने बैंक को अपने कब्जे में लिया, तो 'उएनो' के ग्राहक न तो कैश निकाल पाए, न ही अपनी बचत तक पहुँच सके और न ही कुछ खरीदने के लिए अपने कार्ड का इस्तेमाल कर पाए। इस डिजिटल लेंडर ने सुपरमार्केट में भारी छूट देकर गरीबों और बैंकिंग सुविधाओं से वंचित लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया था। 'उएनो' के अनुसार, पैराग्वे के 10 लाख से ज्यादा लोगों ने यहां अपना पहला बैंक खाता खोला था।

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