IIT खड़गपुर, BHU और दिल्ली की पहल, रोबोटिक्स, हेल्थ और शिक्षा में दिखेगा AI का जलवा, आत्मनिर्भर बनने की तैयारी

आईआईटी खड़गपुर, बीएचयू और दिल्ली में एआई के जरिए रोबोटिक्स, हेल्थ और शिक्षा में क्रांति की तैयारी। आत्मनिर्भर भारत के लिए उन्नत अनुसंधान और नवाचार पर जोर।
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(कॉन्सेप्ट फोटो)(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • देश के विभिन्न IITs में AI और उभरती तकनीकों के विकास को लेकर आत्मनिर्भर बनाने पर तेजी से काम चल रहा है।

  • आईआईटी भविष्य की जरूरतों के अनुसार नए अनुसंधान और नवाचार को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं।

  • शिक्षा मंत्रालय ने प्रमुख संस्थानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मुताबिक अपना खुद का AI मॉडल तैयार करने को कहा है।

IIT Artificial Intelligence Projects: देश के विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में AI और उभरती तकनीकों के विकास को लेकर आत्मनिर्भर बनाने पर तेजी से काम चल रहा है। रोबोटिक्स, डिजिटल प्रतिरूप, ऊर्जा-कुशल उपकरणों और स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर तकनीकी शिक्षा तक, आईआईटी भविष्य की जरूरतों के अनुसार नए अनुसंधान और नवाचार को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं।

AI मॉडल तैयार करने का निर्देश

शिक्षा मंत्रालय ने इन सभी प्रमुख संस्थानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मुताबिक अपना खुद का एआई मॉडल तैयार करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि सभी संस्थानों को इस दिशा में काम करने के लिए सरकार की ओर से विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जोड़ना और देश में तकनीकी क्षमताओं को मजबूत बनाना है।

मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स पर जोर

आईआईटी खड़गपुर में बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल एआई की स्थापना की पहल के तहत भौतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्षेत्र में भौतिक आधारित मशीन लर्निंग, डिजिटल ट्विन, बुद्धिमान रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों पर काम किया जाएगा। इससे परिस्थितियों को समझने और काम करने वाली प्रणालियां विकसित होंगी।

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स्वास्थ्य और कौशल विकास के अवसर

आईआईटी कानपुर में चिकित्सा संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण, बेहतर निर्णय लेने में सहायता और डेटा विज्ञान के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर काम हो रहा है। वहीं आईआईटी मद्रास में 'मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र' एआई के अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है। 'स्वयं प्लस' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से विद्यार्थियों, शिक्षकों और पेशेवरों के कौशल विकास के नए अवसर मिल रहे हैं।

भौतिक AI पर शुरू होगा नया पाठ्यक्रम

आईआईटी बीएचयू शैक्षणिक सत्र 2027-28 से 'भौतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता' में चार वर्षीय बीटेक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्तावित पाठ्यक्रम में रोबोटिक्स, संवेदक तकनीक और वास्तविक दुनिया में एआई के अनुप्रयोगों पर विशेष जोर होगा। इसके अलावा यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से उन्नत एआई अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

गुवाहाटी, दिल्ली और जोधपुर की नई खोज जारी

आईआईटी गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने मानव मस्तिष्क से मोटिवेटेड एक ऐसा उपकरण बनाया है जो सामान्य उपकरणों की तुलना में 500 गुना कम ऊर्जा में चेहरे की पहचान कर सकता है। आईआईटी दिल्ली में उन्नत एआई अनुसंधान प्राथमिकताओं में शामिल है।

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वहीं आईआईटी जोधपुर में 'सृजन' जनरेटिव एआई केंद्र और सॉफ्टवेयर नवाचार प्रयोगशालाओं के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की समस्याओं का समाधान विकसित किया जा रहा है।